ख़बर का असर

Home » उत्तर प्रदेश » भ्रष्टाचार की ‘ठोकर’ से उखड़ी करोड़ों की सड़क! भारत-नेपाल सीमा पर PWD का बड़ा खेल, वायरल वीडियो से दिल्ली तक गूंज

भ्रष्टाचार की ‘ठोकर’ से उखड़ी करोड़ों की सड़क! भारत-नेपाल सीमा पर PWD का बड़ा खेल, वायरल वीडियो से दिल्ली तक गूंज

Lakhimpur Kheri

Lakhimpur Kheri: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में विकास की चमक और भ्रष्टाचार की हकीकत के बीच की खाई एक बार फिर उजागर हो गई है। भारत-नेपाल सीमा जैसे सामरिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा बनाई जा रही एक सड़क ने विभाग के दावों की पोल खोल दी है। करोड़ों रुपये की लागत से बन रही यह सड़क इतनी ‘कागजी’ निकली कि एक युवक के पैर की ठोकर मारते ही इसकी डामर और बजरी की परत ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद न केवल जिले में बल्कि प्रदेश स्तर पर हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों ने अब इस मामले में मोर्चा खोलते हुए उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

5 किलोमीटर की सड़क और मानकों की ‘बलि’

लखीमपुर खीरी के पलिया क्षेत्र के अंतर्गत भारत-नेपाल सीमा से सटे बनबीरपुर गांव से खखरौला तक लगभग पांच किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य वर्तमान में चल रहा है। यह सड़क सीमावर्ती गांवों को मुख्य मार्ग से जोड़ने और सुरक्षा बलों के आवागमन के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। सरकार ने इस परियोजना के लिए करोड़ों रुपये का बजट स्वीकृत किया था ताकि स्थानीय ग्रामीणों और सामरिक जरूरतों को पूरा किया जा सके। लेकिन धरातल पर जो काम हो रहा है, उसे देखकर स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। निर्माण कार्य के कुछ ही घंटों बाद सड़क के किनारे उखड़ने लगे हैं, जो सीधे तौर पर भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रहे हैं।

Lakhimpur Kheri: सोशल मीडिया पर वायरल हुआ ‘करप्शन’ का वीडियो

इस पूरे मामले ने तब तूल पकड़ा जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। इस वीडियो में एक स्थानीय युवक सड़क की गुणवत्ता की जांच करता नजर आ रहा है। जैसे ही वह अपने जूते की नोक से नई बनी सड़क के किनारे पर हल्का प्रहार करता है, डामर की पूरी परत उखड़कर अलग हो जाती है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि नीचे केवल धूल और मिट्टी मौजूद है, जिस पर तारकोल की एक बहुत पतली और कमजोर परत चढ़ा दी गई है। यह वीडियो अब शासन-प्रशासन के लिए गले की फांस बन गया है, क्योंकि यह सीधे तौर पर निर्माण कार्यों में हो रही ‘अंधेरगर्दी’ का प्रमाण है। सड़क निर्माण में बरती जा रही अनियमितताओं को लेकर रन नगर के ग्राम प्रधान चरन जीत सिंह ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि करीब पांच किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण पूरी तरह से भगवान भरोसे चल रहा है। निर्माण स्थल पर लोक निर्माण विभाग के जूनियर इंजीनियर (JE) या किसी भी वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी की मौजूदगी अनिवार्य होती है, लेकिन ग्रामीणों का दावा है कि यहाँ काम पूरी तरह से ठेकेदार के मजदूरों द्वारा बिना किसी तकनीकी पर्यवेक्षण के कराया जा रहा है।

ग्राम प्रधान चरन जीत सिंह ने बताया कि सड़क बनाने का जो मानक है, उसे पूरी तरह ताक पर रख दिया गया है। उन्होंने कहा कि नियम के अनुसार, डामरीकरण से पहले पुरानी सड़क की धूल-मिट्टी को आधुनिक मशीनों (ब्लोअर) से साफ करना चाहिए ताकि तारकोल की पकड़ मजबूत हो। मौके पर धूल हटाने और तारकोल बिछाने वाली मशीनें खड़ी तो हैं, लेकिन वे सिर्फ अधिकारियों को दिखाने के लिए ‘शोपीस’ बनी हुई हैं। मजदूर हाथ से ही धूल के ऊपर तारकोल और बजरी छिड़क रहे हैं। यही कारण है कि सड़क पर जरा सा दबाव पड़ते ही वह उखड़ रही है।

ग्रामीणों का प्रदर्शन और उच्चस्तरीय जांच की मांग

सड़क की बदहाली और सरकारी धन की बंदरबांट को देख ग्रामीणों का सब्र जवाब दे गया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने बनबीरपुर-खखरौला मार्ग पर एकत्रित होकर निर्माण कार्य रुकवा दिया और विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि इस सड़क का निर्माण इसी गुणवत्ता के साथ पूरा हो गया, तो यह पहली बारिश की बौछार भी नहीं झेल पाएगी और जनता का पैसा सीधे तौर पर ठेकेदारों की जेब में चला जाएगा।ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस निर्माण कार्य की विजिलेंस या किसी उ च्चस्तरीय टीम से तकनीकी जांच कराई जाए। साथ ही, उन अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो जिनकी नाक के नीचे यह ‘खेल’ खेला जा रहा है।

भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण इस सड़क का महत्व केवल नागरिक आवागमन तक सीमित नहीं है। सीमा पर सुरक्षा के मद्देनजर मजबूत बुनियादी ढांचे की आवश्यकता होती है। ऐसे में करोड़ों के बजट को इस तरह ठिकाने लगाना राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी गंभीर लापरवाही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘भ्रष्टाचार मुक्त उत्तर प्रदेश’ की नीति को धरातल पर उतारना है, तो लखीमपुर खीरी के पीडब्ल्यूडी विभाग में चल रहे इस ‘सिंडिकेट’ को तोड़ना अनिवार्य होगा। खबर लिखे जाने तक विभाग के किसी भी वरिष्ठ अधिकारी ने इस मामले में आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन वायरल वीडियो और ग्रामीणों के गुस्से ने यह साफ कर दिया है कि मामला अब दबने वाला नहीं है।

Report By: संजय कुमार

ये भी पढ़े… राजनीति में मानवीय संवेदना की नई मिसाल, जन्मदिन पर शक्ति प्रदर्शन नहीं, सेवा का संकल्प, पलिया विधायक ने पीड़ितों को दी आर्थिक मदद

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

Share this post:

खबरें और भी हैं...

Live Video

लाइव क्रिकट स्कोर

Khabar India YouTubekhabar india YouTube poster

राशिफल