Lakhimpur Kheri: लखीमपुर खीरी जिले के विकासखंड बेहजम क्षेत्र में स्थित जिला पंचायत इंटर कॉलेज, काला आम आज उस समय विरोध प्रदर्शनों का केंद्र बन गया, जब बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने अपने लोकप्रिय प्रधानाध्यापक के हालिया स्थानांतरण आदेश को रद्द करने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना है कि प्रधानाचार्य के नेतृत्व में कॉलेज में शैक्षिक और अनुशासनिक सुधार हुए थे, और उनका अचानक स्थानांतरण छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
जिले में विरोध की आग
दरअसल, आज सोमवार सुबह जैसे ही यह खबर फैली कि प्रधानाचार्य को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित कर दिया गया है, कक्षाओं में उपस्थित छात्र-छात्राएँ एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन के लिए परिसर में जमा हो गए। कुछ ही देर में, छात्र मुख्य द्वार की ओर बढ़े और कॉलेज के बाहर नारेबाजी शुरू कर दी। छात्रों ने हाथ में तख्तियां ले रखी थीं, जिन पर लिखा था “हमारे सर को वापस करो,” और “स्थानांतरण रद्द करो।” छात्रों की मांग थी कि जब तक उनका प्रधानाचार्य वापस नहीं आता या स्थानांतरण आदेश रद्द नहीं होता, वे अपनी पढ़ाई का बहिष्कार करेंगे।
Lakhimpur Kheri: छात्र बोले-सर के आने से पढ़ाई अच्छी हुई
प्रदर्शनकारी छात्रों ने बताया कि वर्तमान प्रधानाध्यापक ने पिछले कुछ वर्षों में कॉलेज की छवि और शैक्षणिक स्तर को काफी ऊपर उठाया है। उन्होंने न केवल समय पर शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित की, बल्कि प्रयोगशालाओं और पुस्तकालयों जैसी बुनियादी सुविधाओं में भी सुधार किया। एक छात्रा ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि जब से सर आए हैं, कॉलेज में अनुशासन आया है और हमारी पढ़ाई अच्छी हुई है। अब जब बोर्ड परीक्षाएँ नजदीक हैं, ऐसे समय में उनका जाना हम बर्दाश्त नहीं करेंगे।
प्रशासनिक चुप्पी पर उठे सवाल
छात्रों के प्रदर्शन के कारण काला आम क्षेत्र में कुछ देर के लिए यातायात भी बाधित हुआ। स्थानीय पुलिस को सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुँचे और छात्रों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। हालांकि, छात्र अपनी मांग पर अड़े रहे और प्रशासनिक आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुए। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, प्रधानाचार्य का स्थानांतरण प्रशासनिक कारणों से किया गया है, लेकिन छात्र इस तर्क को मानने को तैयार नहीं हैं। इस प्रदर्शन ने शिक्षा विभाग की स्थानांतरण नीति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर यह देखते हुए कि छात्रों का भविष्य सीधे तौर पर प्रधानाचार्य के नेतृत्व से जुड़ा होता है। छात्रों का प्रदर्शन स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि वे केवल एक शिक्षक या प्रशासक को नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत को खोने का विरोध कर रहे हैं।
कॉलेज प्रबंधन और शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों ने अभी तक छात्रों की मांगों पर कोई आधिकारिक टिप्पणी जारी नहीं की है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर स्थानांतरण आदेश वापस नहीं लिया गया, तो वे अपने विरोध को और तेज करेंगे और जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करेंगे। यह घटना इस बात को रेखांकित करती है कि स्कूल प्रशासक का सकारात्मक प्रभाव छात्रों के बीच कितना गहरा हो सकता है, और उनकी अनुपस्थिति कितनी बड़ी अशांति पैदा कर सकती है।
Report By: संजय कुमार राठौर
ये भी पढ़े… खीरी के SP संकल्प शर्मा को DIG पद पर पदोन्नति, जानें 2012 बैच के IPS अधिकारी की महत्वपूर्ण उपलब्धि…







