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बिना किसी वजह के गुस्सा और तनाव? यह संभव है कि आपके दिमाग की समस्या नहीं, बल्कि पित्त दोष असंतुलित हो गया हो!

आजकल कई लोग बिना कोई बड़ी वजह महसूस किए गुस्सा, चिड़चिड़ापन और तनाव का अनुभव करते हैं। हम इसे अक्सर खराब परिस्थितियों या मानसिक दबाव से जोड़ते हैं। रात में नाक में देसी शुद्ध घी की कुछ बूंदें डालना या उंगली से नाक के अंदर लगाना दिमाग को ठंडक देता है।

lifestyle: आजकल कई लोग बिना कोई बड़ी वजह महसूस किए गुस्सा, चिड़चिड़ापन और तनाव का अनुभव करते हैं। हम इसे अक्सर खराब परिस्थितियों या मानसिक दबाव से जोड़ते हैं, लेकिन आयुर्वेद के अनुसार, इसका एक कारण शरीर में पित्त दोष का असंतुलन भी हो सकता है। जब पित्त बढ़ता है, तो व्यक्ति जल्दी नाराज़ हो जाता है और उसका मन अशांत हो जाता है।

पित्त दोष और मन का संबंध

आयुर्वेद में पित्त दोष को हमारे मन और भावनाओं से सीधा जोड़ा गया है। पित्त हमारे विचारों, गुस्से, धैर्य और निर्णय लेने की क्षमता पर प्रभाव डालता है। जब यह संतुलित रहता है, तब व्यक्ति शांत और स्थिर रहता है। लेकिन जब पित्त बढ़ता है, तो क्रोध, बेचैनी, चिंता, बिना वजह रोने का मन और शाम के समय अधिक घबराहट होने लगती है।

lifestyle: पित्त असंतुलन के आम लक्षण

पित्त दोष बढ़ने से न केवल मानसिक समस्याएँ होती हैं बल्कि शारीरिक समस्याएँ भी उत्पन्न होती हैं। जैसे पेट में जलन, एसिडिटी, हार्टबर्न, शरीर में गर्मी, सिरदर्द और नींद न आना। मन हमेशा बेचैन रहता है और छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आ जाता है। आयुर्वेद कहता है कि पित्त को दबाना नहीं चाहिए बल्कि उसे ठंडा करके शांत करना चाहिए।

lifestyle: पित्त शांत करने वाला पेय

आयुर्वेद में पित्त को शांत करने के लिए कुछ सरल पेय बताए गए हैं। जीरा, सौंफ, सोंठ और अंगूर के रस से बना पेय पेट की जलन को कम करता है और मन को भी शांत करता है। यह हार्टबर्न और एसिडिटी में भी राहत पहुंचाता हैI पित्त संतुलन के लिए अविपत्तिकर चूर्ण का सेवन लाभदायक माना गया है। यह मन और शरीर दोनों को शांत रखने में मदद करता है। इसे गुनगुने पानी के साथ लिया जा सकता है, लेकिन सेवन से पहले किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से सलाह लेना महत्वपूर्ण होता है।

घी नस्य और अभ्यंग का लाभ

lifestyle: रात में नाक में देसी शुद्ध घी की कुछ बूंदें डालना या उंगली से नाक के अंदर लगाना दिमाग को ठंडक देता है। इसके अलावा नारियल या भृंगराज तेल से सिर और तलवों पर मालिश (अभ्यंग) करने से शरीर की गर्मी शांत होती है और नींद भी बेहतर आती हैI कैमोमाइल, तुलसी और गुलाब से बनी हर्बल चाय पित्त को शांत करने में मदद करती है। यह तनाव कम करती है और मन को गहरी शांति देती है।

 

Written by: Palak kumari

 

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