LPG Crisis: देश के कई हिस्सों में रसोई गैस (LPG) की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी और कुछ शहरों में सप्लाई में कमी की खबरों ने आम जनता की चिंता बढ़ा दी है। तेल कंपनियों ने घरेलू और कमर्शियल दोनों प्रकार के LPG सिलेंडरों की कीमतों में हाल ही में वृद्धि की है, जिससे घरों और व्यवसायों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है।
कीमतों में हुई बढ़ोतरी
7 मार्च 2026 को तेल कंपनियों ने घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में करीब 60 रुपये की वृद्धि की। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में 14.2 किलो का बिना सब्सिडी वाला सिलेंडर 913 रुपये में बिक रहा है। वहीं 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 114-115 रुपये बढ़कर लगभग 1,883 रुपये तक पहुँच गई है। मुंबई, बेंगलुरु और अन्य बड़े शहरों के होटल और रेस्टोरेंट भी गैस की सप्लाई में कमी की शिकायत कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस की बढ़ती कीमतों और मध्य–पूर्व में जारी तनाव का नतीजा है।
भारत की LPG जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा आयात से पूरा होता है। इसमें से 80-90 प्रतिशत गैस सऊदी अरब, कुवैत, कतर और संयुक्त अरब अमीरात जैसे मध्य–पूर्वी देशों से आती है। हाल ही में ईरान–इज़राइल के बीच तनाव बढ़ने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य में सप्लाई बाधित होने के कारण वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की कीमतों में तेजी आई है। इसका सीधा असर भारत के गैस बाजार पर पड़ा है। विशेषज्ञ बताते हैं कि अगर मध्य–पूर्व में कोई आपात स्थिति होती है, तो उसका असर भारत में रसोई गैस की उपलब्धता और कीमत पर तुरंत दिखता है।
LPG Crisis: सरकार की कार्रवाई
सरकार ने स्थिति को संभालने के लिए कदम उठाना शुरू कर दिया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने तेल रिफाइनरियों को LPG उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है। कालाबाजारी और अनियमित बुकिंग को रोकने के लिए सिलेंडर बुकिंग के बीच 25 दिन का अंतर तय किया गया है। इसके अलावा अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान और अन्य जरूरी क्षेत्र भी प्राथमिकता सूची में शामिल किए गए हैं। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने जनता को घबराने की आवश्यकता नहीं होने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की कोई कमी नहीं है और सरकार लगातार सप्लाई बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अतिरिक्त सिलेंडर जमा करने या घबराहट में नहीं आएं।
आम जनता की चिंता
हालांकि सरकार ने आश्वासन दिया है, लेकिन आम लोग और व्यवसायिक उपभोक्ता गैस की बढ़ती कीमतों और सप्लाई में हो रही कमी को लेकर चिंतित हैं। रेस्टोरेंट और होटल व्यवसायों का कहना है कि नियमित सप्लाई में कमी के कारण उन्हें काम प्रभावित होने का खतरा है। वहीं अब चर्चा है कि अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिति सामान्य होती है, तो घरेलू कीमतों में स्थिरता आने की संभावना है। फिलहाल, सरकार और तेल कंपनियों की कोशिश है कि घरेलू उपभोक्ता प्रभावित न हों और गैस की नियमित सप्लाई बनी रहे।
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