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भारत के पास कच्चे तेल की कोई कमी नहीं, टैंकर के चीन मुड़ने की खबर भ्रामक: पेट्रोलियम मंत्रालय

LPG Gas Crisis

LPG Gas Crisis: मध्य पूर्व में जारी तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता के बीच केंद्र सरकार ने देश में कच्चे तेल की उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने साफ तौर पर कहा है कि भारत के पास कच्चे तेल की कोई कमी नहीं है और आने वाले महीनों के लिए आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है। मंत्रालय ने उन खबरों को भी खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि “भुगतान संबंधी समस्याओं” के कारण ईरानी कच्चा तेल लेकर भारत आ रहा एक ऑयल टैंकर अपना रास्ता बदलकर चीन चला गया। मंत्रालय के अनुसार, इस तरह के दावे तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक हैं।

मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि जहाज मार्ग परिवर्तन के दावे इस बात की अनदेखी करते हैं कि तेल व्यापार कैसे काम करता है। लदान के बिलों में अक्सर सांकेतिक निर्वहन बंदरगाह गंतव्य होते हैं और समुद्री कार्गो व्यापार अनुकूलन तथा परिचालन लचीलेपन के आधार पर यात्रा के दौरान गंतव्य बदले जा सकते हैं।  अर्थात, अंतरराष्ट्रीय तेल व्यापार में जहाजों का मार्ग बदलना एक सामान्य व्यावसायिक प्रक्रिया है और इसे किसी संकट या आपूर्ति बाधा से जोड़कर देखना उचित नहीं है।

ईरानी तेल आयात पर कोई भुगतान अड़चन नहीं

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान से कच्चे तेल के आयात को लेकर भुगतान संबंधी कोई समस्या नहीं है। मंत्रालय के अनुसार, भारतीय रिफाइनरियों ने विभिन्न स्रोतों से अपनी जरूरत के मुताबिक कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित कर ली है। भारत वर्तमान में 40 से अधिक देशों से कच्चे तेल का आयात करता है और कंपनियों को व्यावसायिक आधार पर विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों से तेल खरीदने की पूरी स्वतंत्रता है। दरअसल, ईरानी कच्चा तेल लेकर भारत आ रहा ऑयल टैंकर “PING SHUN” के मार्ग बदलने के बाद अटकलें तेज हो गई थीं। शिप ट्रैकिंग वेबसाइट के अनुसार, यह टैंकर अब चीन के शेडोंग प्रांत स्थित डोंगयिंग बंदरगाह की ओर बढ़ रहा है। इससे पहले उम्मीद जताई जा रही थी कि यह टैंकर 4 अप्रैल को गुजरात के वाडिनार पोर्ट पहुंचेगा। इस्वातिनी के झंडे के तहत संचालित इस टैंकर में लगभग 6 लाख बैरल कच्चा तेल लदा हुआ बताया गया था।

LPG Gas Crisis: वैश्विक हालात के बीच भारत की तैयारी मजबूत

मध्य पूर्व एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति पर दबाव बना हुआ है। इसी बीच, अमेरिका ने 21 मार्च को पहले से लदे ईरानी कच्चे तेल पर लगे प्रतिबंधों को एक महीने के लिए निलंबित कर दिया, ताकि वैश्विक आपूर्ति में सुधार हो सके और कीमतों को नियंत्रित किया जा सके। इसी कड़ी में, एलपीजी टैंकर “Sea Bird” 2 अप्रैल को लगभग 44 टीएमटी ईरानी एलपीजी लेकर मैंगलोर पहुंच चुका है, जो यह दर्शाता है कि भारत की ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला सामान्य रूप से कार्य कर रही है। सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि देश में कच्चे तेल की उपलब्धता को लेकर कोई संकट नहीं है और आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह मजबूत है। इस स्पष्टीकरण के जरिए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने यह भी संदेश दिया है कि वैश्विक स्तर पर उत्पन्न परिस्थितियों के बावजूद भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को लेकर पूरी तरह सतर्क और तैयार है।

लेखक: अरुण चौरसिया

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