Lpg shortage: मिडिल ईस्ट में जारी संकट के कारण दुनियाभर में गैस और तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है, और इसका असर भारत पर भी देखने को मिला है। इस स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने कई कदम उठाए हैं। दिल्ली के खाद्य, आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के विभाग ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति के लिए एक प्राथमिकता सूची जारी की है। इस सूची के अनुसार, अलग-अलग क्षेत्रों को उनकी जरूरत और उपयोग के हिसाब से प्राथमिकता दी गई है।
Lpg shortage: कमर्शियल सिलेंडर वितरण में प्राथमिकता:
1. पहली प्राथमिकता: शैक्षिक संस्थान, अस्पताल, रेलवे और हवाई अड्डे, 2. दूसरी प्राथमिकता: सरकारी संस्थान और कैंटीन, 3. तीसरी प्राथमिकता: रेस्तरां और भोजनालय, 4. चौथी प्राथमिकता: होटल और गेस्ट हाउस, 5. पांचवीं प्राथमिकता: डेयरी और बेकरी, 6. छठी प्राथमिकता: कैटरिंग और बैंक्वेट हॉल, 7. सातवीं प्राथमिकता: ड्राई क्लीनिंग और पैकेजिंग इकाइयां, 8. आठवीं प्राथमिकता: खेल सुविधाएं और स्टेडियम, कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति मुख्य रूप से 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर के रूप में की जाएगी।
गैस की किल्लत और अफवाहों पर सरकार का दावा
Lpg shortage: ईरान और इजरायल के बीच जारी जंग की वजह से कच्चे तेल और पेट्रोलियम की सप्लाई प्रभावित हुई है। इसका असर कमर्शियल और घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता पर भी पड़ा है। हालांकि दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में अभी पर्याप्त गैस भंडार मौजूद हैं। बावजूद इसके, कई जगह लोगों को सिलेंडर लेने के लिए लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है और कालाबाजारी की घटनाएं भी देखने को मिल रही हैं।
ये भी पढ़ें: यूएई में ऊर्जा संयंत्र में आग, ईरान के हमले के कुछ घंटों बाद उठे काले धुएं







