Maharastra Elction: महाराष्ट्र के बारामती उपचुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इस सीट पर चुनाव से पहले ही निर्विरोध जीत की चर्चा जोरों पर है। सुनील तटकरे ने संकेत दिया है कि पार्टी इस सीट को बिना मुकाबले जीतने की रणनीति पर काम कर रही है।
विपक्ष से बातचीत की तैयारी
तटकरे ने कहा कि जरूरत पड़ने पर वे और प्रफुल्ल पटेल दिल्ली जाकर कांग्रेस नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा उद्धव ठाकरे से भी चर्चा कर बारामती सीट पर उम्मीदवार न उतारने का अनुरोध किया जाएगा। इस रणनीति का मकसद एनसीपी उम्मीदवार सुनेत्रा पवार की निर्विरोध जीत सुनिश्चित करना है।
Maharastra Elction: सीट खाली होने की वजह
पुणे जिले की बारामती विधानसभा सीट पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद खाली हुई है। इसके अलावा अहमदनगर की राहुरी सीट पर भी उपचुनाव होना है। दोनों सीटों पर 23 अप्रैल को मतदान प्रस्तावित है।
कांग्रेस का अलग रुख
हालांकि विपक्षी एकजुटता पर सवाल बने हुए हैं। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार पहले ही संकेत दे चुके हैं कि यदि शरद पवार गुट उम्मीदवार नहीं उतारता, तो कांग्रेस अपना प्रत्याशी मैदान में उतार सकती है। इससे चुनावी मुकाबले की संभावना बनी हुई है।
Maharastra Elction: चुनाव प्रक्रिया और अहम तारीखें
उपचुनाव की प्रक्रिया 30 मार्च से शुरू होगी। 6 अप्रैल तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे, 7 अप्रैल को जांच होगी और 9 अप्रैल तक नाम वापसी की अंतिम तारीख है। इसके बाद 23 अप्रैल को मतदान और 4 मई को मतगणना होगी।
क्या होगा अंतिम फैसला?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या बारामती में निर्विरोध चुनाव होगा या फिर सियासी मुकाबला देखने को मिलेगा। 6 से 9 अप्रैल के बीच की अवधि बेहद अहम मानी जा रही है, जब यह साफ हो जाएगा कि सुनेत्रा पवार के सामने कोई उम्मीदवार खड़ा होता है या नहीं।
बारामती उपचुनाव इस बार सिर्फ एक सीट का चुनाव नहीं, बल्कि राजनीतिक रणनीति और विपक्षी एकजुटता की भी परीक्षा बन गया है। आने वाले दिनों में यह तय होगा कि यहां चुनावी मुकाबला होगा या इतिहास में एक और निर्विरोध जीत दर्ज होगी।
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