पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने बड़ा राजनीतिक दांव चलते हुए 294 में से 291 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने बाकी तीन सीटें अपने सहयोगी दल को सौंप दी हैं। उम्मीदवारों की सूची जारी होते ही राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है। कोलकाता में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी नेतृत्व ने साफ संकेत दिया कि इस बार चुनावी मुकाबला पूरी तरह संगठन और जमीनी कार्यकर्ताओं के दम पर लड़ा जाएगा। सूची जारी होने के साथ ही कई सीटों पर पुराने चेहरों को मौका दिया गया है, जबकि कुछ क्षेत्रों में नए चेहरों को उतारकर पार्टी ने संतुलन बनाने की कोशिश की है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक बार फिर भबानीपुर सीट से चुनाव मैदान में उतरेंगी। माना जा रहा है कि इस सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है क्योंकि भाजपा की ओर से सुवेंदु अधिकारी उनके सामने चुनौती पेश कर सकते हैं।
TMC ने 291 सीटों पर उतारे उम्मीदवार
उम्मीदवारों की घोषणा के दौरान ममता ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि अगर मुकाबला करना है तो राजनीतिक तरीके से किया जाए, संकट पैदा कर जनता को परेशान न किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी चुनाव मैदान में पूरी मजबूती के साथ उतर रही है और जनता का भरोसा उनके साथ है। पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार तृणमूल कांग्रेस की रणनीति में बड़ा बदलाव दिखा है। 2021 के चुनाव में जहां पार्टी ने कई फिल्मी और चर्चित चेहरों को टिकट दिया था, वहीं इस बार ऐसे उम्मीदवारों की संख्या बेहद कम रखी गई है।
सूची के अनुसार, इस बार केवल दो सेलिब्रिटी चेहरों को ही टिकट दिया गया है। पार्टी का फोकस उन नेताओं और कार्यकर्ताओं पर है जो लंबे समय से संगठन के साथ जुड़े रहे हैं और स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़ रखते हैं। इससे साफ है कि पार्टी इस बार जमीनी समीकरणों पर ज्यादा भरोसा कर रही है।
महिलाओं, युवाओं और अल्पसंख्यकों को बड़ा प्रतिनिधित्व
घोषित सूची में सामाजिक संतुलन पर खास ध्यान दिया गया है। पार्टी ने 52 महिलाओं को टिकट दिया है, जो राज्य की राजनीति में महिला प्रतिनिधित्व को मजबूत करने का संकेत माना जा रहा है। इसके अलावा, 47 उम्मीदवार अल्पसंख्यक समुदाय से हैं और 40 वर्ष से कम उम्र के 42 नेताओं को भी चुनाव मैदान में उतारा गया है। अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग से कुल 95 उम्मीदवारों को मौका दिया गया है, जिससे पार्टी ने अलग-अलग वर्गों को साधने की कोशिश की है।
लगातार चौथी बार सत्ता की चुनौती
पश्चिम बंगाल में पिछले 14 वर्षों से ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस की सरकार है। इस चुनाव में भी मुख्य मुकाबला भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच माना जा रहा है। अगर इस बार भी तृणमूल कांग्रेस सत्ता में लौटती है तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी, जो अपने आप में एक बड़ा राजनीतिक रिकॉर्ड होगा। चुनावी घोषणा के साथ ही राज्य में अब सियासी माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है और आने वाले दिनों में प्रचार अभियान और तेज होने की उम्मीद है।
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