ख़बर का असर

Home » पश्चिम बंगाल » SIR के खिलाफ काली शॉल पहन CEC से मिलीं ममता बनर्जी, बोलीं यह चुनाव आयोग नहीं, BJP का IT सेल

SIR के खिलाफ काली शॉल पहन CEC से मिलीं ममता बनर्जी, बोलीं यह चुनाव आयोग नहीं, BJP का IT सेल

Mamata Banerjee:

Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के विरोध में काली शॉल ओढ़कर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) से मुलाकात की। उनके साथ SIR से प्रभावित 13 परिवारों के सदस्य और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे। मुलाकात के बाद ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में ऐसा “अहंकारी और झूठा चुनाव आयुक्त” कभी नहीं देखा।

‘58 लाख लोगों के नाम काट दिए, सुनवाई का मौका तक नहीं’

ममता बनर्जी ने कहा,
“मैंने चुनाव आयुक्त से कहा कि मैं उनकी कुर्सी का सम्मान करती हूं, क्योंकि कोई भी कुर्सी स्थायी नहीं होती। बंगाल को क्यों निशाना बनाया जा रहा है? चुनाव लोकतंत्र का त्योहार होते हैं, लेकिन 58 लाख लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए और उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका तक नहीं दिया गया।”

उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग निष्पक्ष संस्था की तरह नहीं, बल्कि BJP के आईटी सेल की तरह काम कर रहा है।

Mamata Banerjee: अगर कोई नहीं लड़ेगा तो मैं लड़ूंगी

दिल्ली पहुंचते ही ममता बनर्जी ने कहा कि वे SIR के मुद्दे पर पीछे नहीं हटेंगी। उन्होंने कहा, “अगर इस देश में कोई नहीं लड़ेगा, तो मैं लड़ूंगी, हमारी पार्टी लड़ेगी।”

Mamata Banerjee: बंग भवन के बाहर पुलिस तैनाती पर उठाए सवाल

इस बीच, हेली रोड और चाणक्यपुरी स्थित दोनों बंग भवनों के बाहर दिल्ली पुलिस की भारी तैनाती की गई। ममता ने आरोप लगाया कि बंगाल से आए लोगों को डराया जा रहा है।
उन्होंने कहा,
“हमारा मामला सुप्रीम कोर्ट में है। अगर लोगों की मौत हुई है, तो क्या उनके परिवार मीडिया से बात भी नहीं कर सकते?”

दिल्ली पुलिस ने सफाई दी कि मुख्यमंत्री की सुरक्षा को देखते हुए तैनाती की गई है।

 पश्चिम बंगाल में 58 लाख से ज्यादा नाम कटे

चुनाव आयोग ने 19 दिसंबर 2025 को पश्चिम बंगाल में SIR के बाद नई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की थी।

  • पहले मतदाताओं की संख्या: 7.66 करोड़

  • नई ड्राफ्ट लिस्ट में: 7.08 करोड़

  • यानी 58.20 लाख से अधिक नाम हटाए गए

अब चल रही है सुनवाई और सत्यापन प्रक्रिया

नई सूची जारी होने के बाद अब सुनवाई की प्रक्रिया जारी है। पहले चरण में करीब 30 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजे गए हैं, जिनके एन्यूमरेशन फॉर्म में प्रोजेनी मैपिंग (वंशावली मिलान) दर्ज नहीं पाई गई। इसके अलावा विभिन्न जिलों के संदिग्ध मतदाताओं को भी सुनवाई के लिए बुलाया गया है।

12 राज्यों में चल रही है SIR प्रक्रिया

फिलहाल देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR की प्रक्रिया चल रही है।
इनमें शामिल हैं:
अंडमान-निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल।

चुनाव आयोग के अनुसार,

  • ड्राफ्ट लिस्ट: 9 दिसंबर 2025

  • दावे-आपत्तियों की अवधि: 9 दिसंबर से 8 जनवरी 2026

  • सुनवाई व सत्यापन: 31 जनवरी तक

  • अंतिम वोटर लिस्ट: 7 फरवरी 2026

यह भी पढे़ : गरियाबंद में साम्प्रदायिक हिंसा के बाद दुतकैया गांव छावनी में तब्दील

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

Share this post:

खबरें और भी हैं...

Live Video

लाइव क्रिकट स्कोर

Khabar India YouTubekhabar india YouTube poster

राशिफल