Manipur Violence: उखरुल जिले के लितान सरेइखोंग गांव में उपद्रवियों ने 25 घरों और चार सरकारी क्वार्टरों में आग लगा दी। स्थिति बिगड़ने के बाद पूरे जिले में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। प्रशासन ने 10 फरवरी सुबह 11:30 बजे से अगले पांच दिनों के लिए इंटरनेट सेवाएं भी निलंबित कर दी हैं। पुलिस के अनुसार, हिंसा के दौरान राइफल से फायरिंग की भी सूचना है। इलाके में दहशत का माहौल है, हालांकि भारी सुरक्षा बलों की तैनाती के बाद स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
तांगखुल और कुकी समुदाय के बीच झड़प से भड़का तनाव
इंफाल से करीब 35 किलोमीटर दूर स्थित लितान कस्बा तांगखुल नागा और कुकी समुदायों का साझा व्यावसायिक केंद्र है।
हिंसा की शुरुआत 7 फरवरी की शाम एक कथित शराबी झगड़े से हुई, जिसमें तांगखुल नागा समुदाय के स्टर्लिंग नामक व्यक्ति के साथ मारपीट हुई थी। इसके बाद तनाव बढ़ता गया और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। सुरक्षा बलों ने इलाके में फ्लैग मार्च किया है और संवेदनशील क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन जारी है।
Manipur Violence: 115 नाके और चेकपोस्ट सक्रिय
लितान थाने में जॉइंट कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां से स्थिति की निगरानी की जा रही है। बीएसएफ, सीआरपीएफ और असम राइफल्स के जवानों को प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया गया है। राज्यभर में 115 नाके और चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग-37 पर आवश्यक वस्तुओं से लदे 306 वाहनों को सुरक्षा काफिले के साथ सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाया गया। पुलिस ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और फर्जी वीडियो से बचने की अपील की है।
Manipur Violence: प्रशासन को लेकर पुराना विवाद
मणिपुर में कुकी-मैतेई समुदायों के बीच तनाव की जड़ें लंबे समय से चली आ रही हैं। 14 अप्रैल 2023 को Manipur High Court ने राज्य सरकार को मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति (ST) दर्जा देने पर विचार करने का निर्देश दिया था। इसके बाद कुकी समुदाय में असंतोष फैल गया।
कुकी पहले से ST श्रेणी में हैं और उन्हें आशंका है कि यदि मैतेई को भी यह दर्जा मिला तो वे पहाड़ी क्षेत्रों में जमीन खरीद सकेंगे, जिससे आदिवासी भूमि और सांस्कृतिक पहचान पर प्रभाव पड़ सकता है। इसके अतिरिक्त, कुकी समुदाय अलग प्रशासनिक इकाई की मांग भी करता रहा है। वहीं सरकार द्वारा अवैध अफीम खेती और ड्रग्स तस्करी के आरोपों ने आपसी अविश्वास को और बढ़ाया है।
प्रशासन की अपील
मणिपुर पुलिस ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और किसी भी अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह भी पढे़ : ₹9 करोड़ के बकाया मामले में राजपाल यादव ने किया सरेंडर, तेज प्रताप यादव ने की ₹11 लाख की मदद







