Meerut News: मेरठ के हृदयस्थल कोतवाली क्षेत्र के बनियापाड़ा मुहल्ले से एक सनसनीखेज खबर ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। यहां के फल व्यापारी के बेटे उजैद को अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन अलकायदा के स्लीपर सेल से जुड़े होने का गंभीर संदेह है। उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वायड (ATS), इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से उसके घर पर धावा बोल दिया। इस कार्रवाई ने न सिर्फ आसपास के निवासियों में दहशत फैला दी बल्कि सुरक्षा एजेंसियों को कई अहम सुराग भी हाथ लगे।
उजैद के व्हाट्सएप ग्रुप से मिला बड़ा सुराग
सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, यह पूरा मामला जम्मू-कश्मीर पुलिस की साइबर निगरानी से शुरू हुआ। विशेषज्ञों को उजैद की ऑनलाइन गतिविधियों में कुछ असामान्य पैटर्न दिखे जो अलकायदा से प्रेरित कट्टरपंथी नेटवर्क की ओर इशारा कर रहे थे। इसी इनपुट पर मेरठ में छापा मारा गया लेकिन उजैद घर पर नहीं मिला। टीम ने उसके दो भाइयों को हिरासत में लेकर सघन पूछताछ की जो बाद में क्लीन चिट पाकर रिहा हो गए। एजेंसियां स्पष्ट कर चुकी हैं कि जांच का फोकस फिलहाल सिर्फ उजैद पर केंद्रित है.और परिवार के अन्य सदस्यों पर कोई शक नहीं है।
जांच के दौरान सबसे बड़ा सुराग उजैद के व्हाट्सएप ग्रुप से मिला। यह ग्रुप कथित तौर पर अलकायदा के स्लीपर सेल का हिस्सा है जिसमें दर्जनों पेजों की चैट हिस्ट्री बरामद हुई है। इनमें कट्टर विचारधारा को बढ़ावा देने वाले संदेश संदिग्ध कोड वर्ड्स और जिहादी प्रचार का मिश्रण है। साइबर फॉरेंसिक विशेषज्ञ इन चैट्स का डिजिटल विश्लेषण कर रहे हैं ताकि ग्रुप के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके। एजेंसियों को शक है कि उजैद इस नेटवर्क का सक्रिय लिंक था जो ऑनलाइन रेडिकलाइजेशन का शिकार हो चुका है।

Meerut News: CCTV फुटेज ने मामले को दिया नया मोड़
उजैद की पृष्ठभूमि सामान्य लगती है लेकिन अब संदेह के घेरे में आ गई है। उसके पिता फल के बड़े आढ़ती हैं, जो नियमित रूप से जम्मू से ताजे फल मंगाकर मेरठ मंडी में बेचते हैं। उजैद भी पिता के कारोबार में हाथ बंटाता था जिसके चलते उसकी जम्मू की यात्राएं सामान्य मानी जाती रहीं। लेकिन नवंबर 2025 में उसकी एक ऐसी यात्रा सामने आई जिस दौरान उसके संभावित आतंकी संपर्कों की पुष्टि हुई। परिवार का दावा है कि यह यात्रा महज व्यापारिक थी पर एजेंसियां इसे स्लीपर सेल एक्टिवेशन का हिस्सा मान रही हैं। उजैद की आवाजाही का पैटर्न अब जांच का प्रमुख आधार है। कार्रवाई के बाद एक पुरानी CCTV फुटेज ने मामले को नया मोड़ दे दिया। इसमें उजैद को स्कूटी पर सवार होकर घर लौटते हुए रिकॉर्ड किया गया है। इस फुटेज से पुलिस उसकी दैनिक रूटीन और संपर्कों की टाइमलाइन तैयार कर रही है। सवाल उठ रहे हैं कि छापेमारी के वक्त वह कहां गायब हो गया क्या उसके पास पहले से ही टिपऑफ था एजेंसियां इन सवालों के जवाब ढूंढने में जुटी हैं जिसमें उसके फोन लोकेशन बैंक ट्रांजेक्शन और सोशल मीडिया प्रोफाइल शामिल हैं।
स्लीपर सेल्स की घुसपैठ उजागर
दबिश के बाद उजैद और उसका पूरा परिवार लापता है। घर पर ताला लटक गया है और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बाहर कानूनी नोटिस लगा दिया। नोटिस में UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) की धाराओं का हवाला देते हुए उजैद को 72 घंटे में सरेंडर करने का अल्टीमेटम दिया गया है। यूपी ATS और J&K पुलिस के बीच रीयल टाइम कोऑर्डिनेशन चल रहा है। संभावित ठिकानों पर सर्विलांस बढ़ा दिया गया है जिसमें दिल्ली-NCR, हरियाणा और अन्य राज्यों के फल मंडियां शामिल हैं। यह घटना उत्तर प्रदेश में स्लीपर सेल्स की घुसपैठ को उजागर करती है। मेरठ जैसे व्यस्त शहरों में कारोबार की आड़ में आतंकी नेटवर्क का विस्तार चिंता का विषय है। सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं और साइबर मॉनिटरिंग को और सख्त करने की योजना है। उजैद की गिरफ्तारी से पूरे मॉड्यूल का पर्दाफाश हो सकता है जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा झटका साबित होगा। फिलहाल इलाके में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है और स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील की जा रही है।
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