Meerut STF: मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मेरठ एसटीएफ और पाकबड़ा थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। संयुक्त टीम ने उड़ीसा से ट्रक में लकड़ियों के नीचे छिपाकर लाया जा रहा 113 किलोग्राम गांजा बरामद किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 30 लाख रुपये आंकी जा रही है। इस मामले में पुलिस ने तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह का मुख्य सरगना मौके से फरार हो गया।
कैसे हाथ लगी सफलता?
मेरठ एसटीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि उड़ीसा से एक ट्रक मुरादाबाद की ओर आ रहा है, जिसमें ऊपर साल की लकड़ी भरी हुई है और उसके नीचे भारी मात्रा में गांजा छिपाकर लाया जा रहा है। सूचना मिलते ही एसटीएफ की टीम बुधवार सुबह करीब 9 बजे पाकबड़ा थाना क्षेत्र में पहुंची और स्थानीय पुलिस को साथ लेकर कार्रवाई की योजना बनाई।
एसटीएफ और पाकबड़ा पुलिस ने दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर टीएमयू के पास बागड़पुर ओवरब्रिज के समीप घेराबंदी कर संदिग्ध ट्रक को रोक लिया। ट्रक में सवार तीन लोगों को हिरासत में लेकर थाने लाया गया। तलाशी के दौरान ट्रक में भरी लकड़ियों को हटवाने पर नीचे से 113 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसे बेहद शातिर तरीके से छिपाया गया था ताकि किसी को शक न हो। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने अपने नाम राकेश, नन्हें और आसिफ बताए। पुलिस के अनुसार, राकेश डिलारी थाना क्षेत्र के जटपुरा गांव का निवासी है और ट्रक उसी का है। नन्हें राकेश के ही गांव का रहने वाला है, जबकि तीसरा आरोपी आसिफ कांकरखेड़ा क्षेत्र का निवासी है। तीनों मिलकर उड़ीसा से करीब सात हजार रुपये प्रति किलो की दर से गांजा खरीदते थे और मुरादाबाद व आसपास के इलाकों में ऊंचे दामों पर सप्लाई करते थे।
Meerut STF: पूछताछ में क्या पता चला?
वहीं मामले में पुलिस ने बताया कि इस खेप को गजेंद्र उर्फ वकील, निवासी भदगंवा भगतपुर, खरीदने वाला था। गजेंद्र आमतौर पर मुरादाबाद में ही इनसे गांजा लेता था, लेकिन पुलिस की घेराबंदी की भनक लगते ही वह मौके से फरार हो गया। पुलिस अब उसकी तलाश में दबिश दे रही है। आरोपियों ने खुलासा किया कि वे ट्रक में लकड़ी इसलिए भरते थे ताकि किसी को शक न हो और आसानी से गांजा एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचाया जा सके। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि पुलिस फरार मुख्य सरगना की तलाश कर रही है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। जल्द ही इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी की जाएगी।
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