Merrut News: मेरठ में बुधवार को उस वक्त हलचल मच गई जब शहर के कई इलाकों में एक साथ एक जैसे रहस्यमयी पोस्टर नजर आने लगे। दिल्ली रोड, परतापुर थाना क्षेत्र और आसपास के सार्वजनिक स्थानों पर लगे इन पोस्टरों में एक युवती ‘पूजा’ के 17 साल से लापता होने की बात लिखी गई थी। अचानक इतने बड़े स्तर पर पोस्टर दिखाई देने से स्थानीय लोगों में हैरानी और चर्चा का माहौल बन गया परतापुर क्षेत्र के मोहिउद्दीनपुर, भूड़बराल, मेट्रो साउथ स्टेशन के पास, परतापुर तिराहा, पूठा रोड, संगम चौराहा और रिठानी तक रैपिड के पिलरों व दीवारों पर ये पोस्टर चस्पा मिले। राह चलते लोग पोस्टर पढ़ने के लिए रुकते नजर आए, वहीं कई लोगों ने इनके वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर साझा कर दिए। देखते ही देखते यह मामला ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी चर्चा का विषय बन गया।
Merrut News: पोस्टरों में सीमित जानकारी, लेकिन सवाल बेहद गहरे
इन पोस्टरों में पूजा के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। न उम्र का जिक्र है, न फोटो और न ही लापता होने की तारीख। बस इतना लिखा गया है कि पूजा 17 साल से लापता है। यही बात इस पूरे मामले को और ज्यादा रहस्यमयी बना रही है। लोग यह सवाल कर रहे हैं कि आखिर इतनी लंबी अवधि के बाद अचानक ये पोस्टर क्यों लगाए गए।बताया जा रहा है कि इससे पहले भी इसी तरह के पोस्टर अलग-अलग समय पर लगाए जा चुके हैं। कभी इनमें ‘पूजा जहां हो, लौट आओ’ जैसे भावनात्मक संदेश लिखे गए, तो कभी प्रशासनिक अधिकारियों जैसे IAS, IPS और PPS को निशाना बनाया गया। एक बार तो मेरठ भाजपा के जिला अध्यक्ष का नाम और फोटो लगाकर भी पोस्टर लगाए गए थे। इस बार पोस्टरों में ईसाई समाज का उल्लेख किए जाने से मामला और ज्यादा संवेदनशील हो गया है।
Merrut News: अरुण, बिजनौर नाम ने जोड़ा नया कनेक्शन
पोस्टरों के नीचे ‘अरुण, बिजनौर’ लिखा होने से यह संकेत मिल रहा है कि इस रहस्य का संबंध सिर्फ मेरठ तक सीमित नहीं हो सकता। अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या पूजा का मामला बिजनौर से जुड़ा है या पोस्टर लगाने वाला व्यक्ति वहीं का रहने वाला है। इस नए एंगल ने पुलिस की जांच को और जटिल बना दिया है।करीब दो साल पहले भी परतापुर इलाके में इसी तरह के पोस्टर सामने आए थे। उस वक्त पुलिस ने मामले की जांच की थी, लेकिन न तो पूजा के बारे में कोई पुख्ता जानकारी मिल पाई और न ही पोस्टर लगाने वाले व्यक्ति का पता चल सका। अब एक बार फिर वही कहानी सामने आने से पुराने सवाल फिर खड़े हो गए हैं मामले की गंभीरता को देखते हुए परतापुर पुलिस सक्रिय हो गई है। थाना प्रभारी के अनुसार, जिन इलाकों में पोस्टर लगाए गए हैं वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। यह जानने की कोशिश की जा रही है कि पोस्टर किसने लगाए और इसके पीछे मकसद क्या है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं यह मामला किसी पुराने गुमशुदगी केस से तो जुड़ा नहीं है।
पूजा कौन है? पोस्टर किसने लगाए? जवाब अब भी अधूरे
फिलहाल पूजा की पहचान, उसके लापता होने की सच्चाई और पोस्टर लगाने वाले शख्स—तीनों ही रहस्य बने हुए हैं। मेरठ से शुरू हुई यह कहानी अब बिजनौर तक जुड़ती नजर आ रही है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और जल्द ही सच्चाई सामने लाने की कोशिश की जाएगी।
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