Middle East War: अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रही जंग आज 15वें दिन में पहुंच गई है। इस बीच खबर है कि सऊदी अरब के एक एयरबेस पर खड़े अमेरिकी एयर फोर्स के 5 विमान नष्ट हो गए हैं। अमेरिकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार ये सभी विमान ईंधन भरने वाले टैंकर विमान थे।
रिपोर्ट में बताया गया है कि इन विमानों को ईरान के हमले में नुकसान पहुंचा। हालांकि यह हमला कब हुआ, इसकी सटीक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। इस मामले में अमेरिकी सेंट्रल कमांड की ओर से भी अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

इराक में अमेरिकी विमान क्रैश
इससे एक दिन पहले इराक में भी अमेरिकी वायुसेना का बोइंग KC-135 रिफ्यूलिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में विमान में मौजूद सभी 6 क्रू मेंबर्स की मौत हो गई। ईरान के साथ चल रही इस जंग में अब तक कुल 11 अमेरिकी सैनिकों की जान जा चुकी है।
इसी बीच कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई गंभीर रूप से घायल हैं और कोमा में हैं। ब्रिटिश मीडिया द सन की रिपोर्ट के मुताबिक, 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के हमले में घायल होने के बाद उन्हें तेहरान के सिना यूनिवर्सिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बताया जा रहा है कि उनकी हालत बहुत नाजुक बनी हुई है।
रिपोर्ट के अनुसार हमले में लगी चोट इतनी गंभीर थी कि डॉक्टरों को उनका एक पैर काटना पड़ा। साथ ही उनके लिवर को भी भारी नुकसान पहुंचा है। अस्पताल के जिस हिस्से में उनका इलाज चल रहा है, उसे पूरी तरह बंद कर दिया गया है और वहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था तैनात की गई है।

Middle East War: होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित निकला जहाज
मुजतबा खामेनेई को 8 मार्च को ईरान का नया सुप्रीम लीडर बनाया गया था। उन्हें यह जिम्मेदारी उनके पिता और ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद दी गई। अयातुल्ला अली खामेनेई का निधन 28 फरवरी को हुआ था।
इस युद्ध के बीच भारत के लिए एक राहत की खबर भी सामने आई है। भारत का एलपीजी (रसोई गैस) ले जाने वाला जहाज शिवालिक शुक्रवार रात सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर गया। जहाजों की गतिविधियों पर नजर रखने वाली वेबसाइट मरीनट्रैफिक के अनुसार यह जहाज 7 मार्च को कतर से अमेरिका के लिए रवाना हुआ था।
यह जहाज भारत की सरकारी कंपनी शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया का है और इसमें लगभग 55,000 टन एलपीजी ले जाने की क्षमता है। इसी वजह से युद्ध जैसे हालात के बीच इस जहाज का सुरक्षित निकलना भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

खार्ग आइलैंड पर हमले का दावा
दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने फारस की खाड़ी में स्थित खार्ग आइलैंड पर मौजूद ईरान के सैन्य ठिकानों को नष्ट कर दिया है। उन्होंने चेतावनी भी दी कि यदि जरूरत पड़ी तो इस क्षेत्र में मौजूद तेल से जुड़े बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाया जा सकता है।
बताया जाता है कि ईरान के कुल कच्चे तेल के निर्यात का लगभग 80 से 90 प्रतिशत हिस्सा इसी खार्ग आइलैंड के जरिए बाहर भेजा जाता है। इसलिए यह इलाका रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
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