Moradabad News: बीते सोमवार रात चिड़िया टोला इलाके में हुए प्रिंस चौहान हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। खुलासे में सामने आया कि यह हत्या पुरानी रंजिश और बदला लेने की भावना के चलते की गई थी। मझोला पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि दो नामजद समेत कई अज्ञात आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं।
दोस्त ने ही रची गई थी साज़िश
रामेश्वर कॉलोनी निवासी 24 वर्षीय प्रिंस चौहान विद्युत विभाग में संविदा चालक था। सोमवार रात उसका दोस्त मयंक गुर्जर उसे घर से बुलाकर चिड़िया टोला ले गया। वहां पहले से घात लगाए बैठे साथियों ने लाठी-डंडों से उसकी बेरहमी से पिटाई की और फिर गोली मार दी। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। गोलीबारी की सूचना पर मौके पर पहुंचे परिजन उसे साईं अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने प्रिंस को मृत घोषित कर दिया। खबर फैलते ही इलाके में हंगामा मच गया। लोगों ने शव सड़क पर रखकर लोकोशेड पुल पर जाम लगा दिया, जिससे देर रात तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। पुलिस अधिकारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद भीड़ को शांत कराया।
Moradabad News: फेफड़ा चीर कर हार्ट के पास जा फंसा कारतूस
मंगलवार को एसपी सिटी के निर्देश पर दो डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। एक्सरे जांच में पता चला कि 315 बोर की गोली प्रिंस के सीने में फंसी थी। बताया गया कि गोली पीठ की ओर से लगकर फेफड़े को चीरते हुए हृदय के पास जा फंसी, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। शरीर पर चोट के कई निशान भी पाए गए, जो पिटाई की पुष्टि करते हैं।
चार महीने पुरानी रंजिश बनी वजह
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि 22 अगस्त 2025 को प्रिंस चौहान और उसके कुछ दोस्तों ने अर्जुन सैनी के साथ मारपीट की थी। घटना का वीडियो बनाकर उसे अर्जुन और उसके भाई के मोबाइल पर भेजा गया था। इस बेइज्जती के बाद दोनों भाई बदला लेने का मौका तलाश रहे थे। सोमवार की रात उन्होंने पूरी साजिश के तहत प्रिंस को बुलवाया। योजना के मुताबिक मयंक गुर्जर ने उसे घर से बाहर निकाला और बाकी आरोपी पहले से चिड़िया टोला में मौजूद थे। मौके पर पहुंचते ही लाठी-डंडों से हमला किया गया और फिर प्रशांत सैनी व अभिषेक उर्फ अभी खत्री ने तमंचे से गोली चला दी।
Moradabad News: पांच आरोपी सलाखों के पीछे
पुलिस ने मयंक गुर्जर, मोहन, भीम सैनी, अर्जुन सैनी और यश सैनी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से सभी को जेल भेज दिया गया। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह के मुताबिक बाकी नामजद और अज्ञात आरोपियों की तलाश में टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। हत्या की खबर मिलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों ने साईं अस्पताल के बाहर व लोकोशेड पुल पर तीन बार सड़क जाम किया। परिजन लगातार गिरफ्तारी की मांग करते रहे और पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। रात करीब साढ़े दस बजे तक परिजन शव लौटाने की मांग पर अड़े रहे। अंततः अधिकारियों के समझाने पर भीड़ शांत हुई और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। प्रिंस चौहान की मौत से पूरे इलाके में शोक और गुस्से का माहौल है। पुलिस अब मामले में फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है, ताकि साजिश में शामिल हर व्यक्ति को कानून के दायरे में लाया जा सके।
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