Breaking News
Home » उत्तर प्रदेश » दिल्ली के बाबा पीर रतन नाथ मंदिर में MCD कार्रवाई के विरोध में उबाल, खीरी से भी सौंपा गया ज्ञापन

दिल्ली के बाबा पीर रतन नाथ मंदिर में MCD कार्रवाई के विरोध में उबाल, खीरी से भी सौंपा गया ज्ञापन

लखीमपुर-खीरी
Spread the love

Lakhimpur Kheri: दिल्ली के झंडेवाला इलाके में स्थित बाबा पीर रतन नाथ मंदिर परिसर में एमसीडी व अन्य विभागों द्वारा की गई कथित तोड़फोड़ की कार्रवाई को लेकर स्थानीय श्रद्धालुओं और संत–समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इसी मुद्दे को लेकर लखीमपुर खीरी के पलिया शहर में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक संगठनों के सदस्य और मंदिर–दरगाह के अनुयायी शामिल हुए। पलिया स्थित दरगाह–मंदिर प्रबंधन कमेटी की अगुवाई में लोगों ने भजन–कीर्तन करते हुए दरगाह मंदिर परिसर से शांतिपूर्ण मार्च निकाला। यह रैली मुख्य बाजार मार्ग से होते हुए तहसील परिसर पहुंची, जहां प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम डॉ. अवनीश कुमार को विस्तृत ज्ञापन सौंपकर अपनी आपत्तियाँ दर्ज कराईं।

ज्ञापन में क्या बताया गया?

ज्ञापन में बताया गया कि नई दिल्ली में 29 अगस्त 2025 को DDA और MCD के अधिकारी, भारी पुलिस बल और स्थानीय एसडीएम के साथ मिलकर मंदिर–दरगाह के सामने स्थित कुछ मकानों को हटाने की कार्रवाई करने पहुंचे थे। लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस कार्रवाई के दौरान मकानों के साथ-साथ मंदिर–दरगाह की बाउंड्री वॉल, पुष्पवाटिका, पानी की टंकी, सीवर लाइन, अस्थायी लंगर स्थल, प्रसाद हाल, बिजली पैनल रूम और दो लोहे के गेट भी तोड़ दिए गए, जबकि इन संरचनाओं को क्षति पहुँचाने का कोई स्पष्ट आदेश मौजूद नहीं था।

Lakhimpur Kheri: अवैध रूप से हुई तोड़फोड़ की जांच हो

प्रबंधन कमेटी ने शिकायत में कहा कि जब अधिकारियों से कार्रवाई का आधार और आदेश पूछे गए तो उन्होंने केवल इतना कहा कि ऊपर से आदेश हैं। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि मंदिर–दरगाह का दावा 1948 से उस भूमि पर कब्जे और 1973 से विधिवत लीज के आधार पर है। कमीटी ने कहा कि बाबा पीर रतन नाथ मंदिर के देशभर के विभिन्न राज्यों में लगभग 40 मंदिर स्थापित हैं, जहां आज भी सनातन परंपराओं और रीति–रिवाजों के अनुसार पूजा–अर्चना जारी है। श्रद्धालुओं का कहना है कि दिल्ली स्थित मंदिर परिसर में की गई यह कार्रवाई धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाली है। ज्ञापन में माँग की गई कि मंदिर की जमीन पर की गई स्टील बैरिकेडिंग हटाई जाए, अवैध रूप से हुई तोड़फोड़ की जांच हो और मंदिर को अपनी जमीन पर बाउंड्री वॉल निर्माण करने की अनुमति प्रदान की जाए।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उनका कहना है कि इस घटना से न केवल मंदिर के अनुयायियों बल्कि देश–विदेश में मौजूद संत–समाज और सनातन धर्मावलंबियों में भी भारी रोष है।

Report By: संजय कुमार राठौर   

ये भी पढ़े… Lakhimpur Kheri: खीरी में हाथियों ने ली किसान की जान, गांव में मचा कोहराम

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments