Mumbai tension: मुंबई में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे तनाव का असर दिखाई देने लगा है। इस वजह से मुंबई के कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। हालात को देखते हुए मुंबई में मौजूद अमेरिका, इजरायल और ईरान की एंबेसी की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मुंबई पुलिस पूरी तरह सतर्क है और सभी अधिकारियों को हाईअलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मुंबई पुलिस ने सुरक्षा अलर्ट जारी किया
मुंबई पुलिस ने चेतावनी जारी की है कि ईरान के समर्थन या विरोध में होने वाले प्रदर्शनों के दौरान कुछ लोग दंगा और आगजनी जैसी घटनाओं को अंजाम देने की कोशिश कर सकते हैं। इसलिए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई, जिसके बाद ईरान सरकार ने 40 दिनों के शोक की घोषणा की है। खामेनेई की मौत के बाद भारत के कई हिस्सों में भी विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं और इस घटना पर अलग-अलग लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

Mumbai tension: युद्ध के दावों पर गलत जानकारी का आरोप
शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने बयान दिया कि दुनिया को अक्सर गलत जानकारी देकर गुमराह किया जाता है। उन्होंने कहा कि पहले जब इराक पर हमला हुआ था, तब भी यह दावा किया गया था कि वहां सामूहिक विनाश के हथियार मौजूद हैं, लेकिन बाद में कुछ भी नहीं मिला और देश को भारी नुकसान झेलना पड़ा। उनके अनुसार, ईरान पर भी इसी तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं कि वह परमाणु हथियार बना रहा है, लेकिन अभी तक इसका कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है।
मौलाना कल्बे जव्वाद ने यह भी कहा कि दुनिया को बार-बार युद्ध के नाम पर चेतावनी दी जाती है, जबकि कई बार ऐसे दावों का कोई आधार नहीं होता।
अबू आजमी ने जंग रोकने की अपील की
खामेनेई की मौत पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता अबू आजमी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि 86 साल के एक सुप्रीम लीडर और उनके परिवार के लोगों की हत्या की निंदा होनी चाहिए, क्योंकि यह एक बड़ा अपराध है। उन्होंने मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजरायल दौरे पर भी सवाल उठाया। अबू आजमी ने कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि प्रधानमंत्री को इस युद्ध की पहले से जानकारी थी या नहीं, लेकिन इतनी बड़ी जंग शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री का इजरायल में मौजूद होना कई सवाल खड़े करता है।
अबू आजमी ने केंद्र सरकार से अपील की कि भारत को इस संघर्ष को रोकने की कोशिश करनी चाहिए क्योंकि ईरान में चल रही लड़ाई का असर भारत की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।






