Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर के थाना नई मंडी क्षेत्र की पॉश कॉलोनी अवध विहार में इन दिनों एक घर के बाहर का नजारा रोंगटे खड़े कर देने वाला है। यहाँ एक आलिशान मकान की दहलीज पर पूजा नाम की महिला पिछले कई महीनों से खुले आसमान के नीचे धरने पर बैठी है। हाड़ कंपा देने वाली ठंड ओस से भीगे कपड़े और भूख-प्यास से लड़ते हुए पूजा की देह भले ही जर्जर हो चुकी है लेकिन उसकी आंखों में अपने तीन साल के मासूम बच्चे को दोबारा सीने से लगाने की जिद आज भी जल रही है।
दहेज की भेंट चढ़ा वैवाहिक जीवन
सहारनपुर (देवबंद) की रहने वाली पूजा की शादी 2020 में नितिन धनकर से हुई थी। पिता विजय पाल ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार नकद और जेवरात देकर बेटी को विदा किया था लेकिन ससुराल की दहेज की भूख कम नहीं हुई। आरोप है कि अतिरिक्त मांग पूरी न होने पर पूजा को शारीरिक और मानसिक यातनाएं दी गईं और अंतत उसे घर से बाहर धकेल दिया गया। विडंबना देखिए जिस घर को उसने सजाया था आज उसी के दरवाजे उसके लिए बंद हैं।
Muzaffarnagar News: बच्चे से बिछोह और अनसुनी पुकार
पूजा की सबसे बड़ी पीड़ा उसका तीन साल का मासूम बेटा है, जिसे ससुराल वालों ने जबरन अपनी कैद में रखा है। पूजा का आरोप है कि उसके पति को बहकाकर तलाक की अर्जी दाखिल करवा दी गई है जबकि वह सिर्फ अपना घर बचाना चाहती है। मैं तलाक नहीं चाहती मुझे बस मेरा बच्चा और मेरा अधिकार चाहिए। क्या एक मां को उसके बच्चे से अलग करना कानूनी है? पूजा पीड़िता
प्रशासन की चुप्पी और बढ़ता आक्रोश
हैरानी की बात यह है कि महीनों से जारी इस धरने और महिला की बिगड़ती हालत के बावजूद पुलिस और प्रशासन मौन साधे हुए है। स्थानीय लोगों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भारी गुस्सा है। मोहल्ले वासियों का तीखा सवाल है क्या पुलिस किसी अनहोनी का इंतज़ार कर रही है क्या सुनवाई तभी होगी जब कोई दम तोड़ देगा
पूजा के हाथ-पैर सूज चुके हैं वह ठंड से कांप रही है लेकिन उसका हौसला पत्थर की दीवारों से भी मजबूत है। यह लड़ाई अब सिर्फ एक महिला की नहीं बल्कि उस सिस्टम के खिलाफ है जो एक मां को इंसाफ दिलाने में लाचार नजर आ रहा है।
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