Muzaffarnagar News: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने एक बैंक्वेट हॉल में युवा संवाद सम्मेलन का भव्य आयोजन किया। मुख्य अतिथि के रूप में संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ ट्रैक्टर पर सवार होकर पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने फूलों की वर्षा कर उनका जोरदार स्वागत किया जो सम्मेलन की शुरुआत में ही उत्साह का प्रतीक बन गया। यह आयोजन युवा कार्यकर्ताओं को संगठन की रणनीतियों से जोड़ने और अनुशासन सिखाने के उद्देश्य से किया गया था।
युवा सबको भूलकर सिर्फ धरना पर अड़े
सम्मेलन के दौरान राकेश टिकैत युवाओं पर खासी नाराजगी जाहिर करते नजर आए। उन्होंने धरने के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि धरना, प्रदर्शन, पंचायत, महापंचायत और मीटिंग जैसे चार-पांच तरीके हैं आंदोलन चलाने के, लेकिन युवा सबको भूलकर सिर्फ धरना पर अड़े हैं। तीन घंटे के नाम पर धरना देना बंद करें। असली धरना तो बोरिया-बिस्तर बांधकर लंबे समय तक चलाया जाता है। टिकैत ने साफ शब्दों में फरमान सुनाया अब अगर कोई धरना देगा तो कम से कम 72 घंटे धरने पर ही रहेगा। चाहे बीच में समझौता हो जाए लेकिन घर लौटना मना है।

Muzaffarnagar News: किसान समस्याओं का किया जिक्र
यह बयान भाकियू कार्यकर्ताओं की पुरानी आदत पर तंज था। आए दिन छोटे-मोटे विवादों पर युवा धरना शुरू कर देते हैं और कुछ घंटों में ही खत्म कर देते हैं। इससे संगठन की छवि प्रभावित हो रही है। नाराज टिकैत ने मीडिया से कहा युवा ही नहीं सबको समझाना पड़ेगा। धरना आखिरी हथियार है। युवा ज्यादा सक्रिय रहते हैं, इसलिए 35 साल से कम उम्र वालों की विशेष ट्रेनिंग चलेगी। उन्हें संगठन के नियम सिखाए जाएंगे। 40 साल तक छूट दी है उसके बाद सीनियर बनना होगा। टिकैत ने अन्य मुद्दों पर भी खुलकर बोला। उन्होंने किसान समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि सड़कों पर टीन लगे हुए हैं नालों का पानी सही निकलना चाहिए। चिमनियों से सफेद धुआं निकले छाया पड़ोसियों के घरों पर न जाए। गांवों में आरो (आरओ) सिस्टम लगे ताकि खराब पानी बाहर निकले। भाकियू के नाम से रजिस्टर्ड बोर्ड लगाएं मिला-जुला नाम न चलाएं। युवाओं को गुटखा और नशे से दूर रहने की सलाह दी। गुटखे पर काबू पा लिया है। अगर कोई खा रहा हो तो छुट्टी दे देंगे। नशा मुक्ति को अभियान बनाएंगे।
ट्रेनिंग का सिलसिला जल्द शुरू होगा। टिकैत ने कहा शुरुआत हो चुकी है। युवाओं को छांटकर पूरी ट्रेनिंग देंगे। बड़े-बुजुर्ग सड़कों पर रहें नालों में न सोएं। क्षेत्र के लोग निगरानी रखेंगे। 2 तारीख तक सुधार दिखे। यह सम्मेलन भाकियू के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है जहां युवा शक्ति को अनुशासित बनाकर बड़े आंदोलनों की तैयारी की जा रही है। मुजफ्फरनगर जैसे किसान बहुल इलाके में यह संवाद समयानुकूल है। किसान आंदोलनों की पृष्ठभूमि में टिकैत का यह रुख युवाओं को जिम्मेदार बनाएगा। संगठन अब ट्रेनिंग कैंप लगाकर कार्यकर्ताओं को धरना प्रदर्शन की सही तकनीक सिखाएगा। नशा मुक्ति और पर्यावरण सुधार जैसे मुद्दे भी एजेंडे में शामिल हैं। सम्मेलन के बाद कार्यकर्ता उत्साहित नजर आए जो टिकैत के फरमान को मानने को तैयार दिखे।







