Nandgaon Lathmar Holi: ब्रज की पावन धरती पर गुरुवार को नंदगांव की रंगीली चौकी में पारंपरिक लट्ठमार होली उत्साह और श्रद्धा के साथ खेली गई। सजी-धजी राधारानी की सखियों ने बरसाना से आए हुरियारों पर लट्ठ बरसाए, जबकि हुरियारों ने ढाल से खुद का बचाव किया। इस अनोखी होली को देखने देश-विदेश से करीब 10 लाख श्रद्धालु नंदगांव पहुंचे।
गुलाल और संगीत से रंगा पूरा ब्रज
होली उत्सव के दौरान करीब 11 क्विंटल अबीर-गुलाल उड़ाया गया। ढोल-नगाड़ों और होली गीतों की धुन पर श्रद्धालु झूमते रहे और पूरा नंदगांव रंगों व भक्ति के माहौल में डूबा नजर आया।
Nandgaon Lathmar Holi: द्वापर युग से जुड़ी परंपरा
मान्यता है कि नंदगांव भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीला स्थली है, जबकि बरसाना राधारानी की जन्मभूमि है। परंपरा के अनुसार पहले नंदगांव के हुरियारे बरसाना जाकर होली खेलते हैं और अगले दिन बरसाना के हुरियारे नंदगांव आकर लट्ठमार होली में शामिल होते हैं। इसी परंपरा का निर्वाह करते हुए बुधवार को बरसाना और गुरुवार को नंदगांव में उत्सव मनाया गया।
Nandgaon Lathmar Holi: प्रशासन और परिषद की विशेष व्यवस्था
ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सीईओ सूरज पटेल ने बताया कि आयोजन के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। तीन मंच बनाए गए और कई स्ट्रीट परफॉर्मेंस ग्रुप बुलाए गए, जिससे श्रद्धालुओं को सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आनंद मिला।
फगुआ परंपरा से जुड़ी है लट्ठमार होली
बरसाना से आए श्रद्धालु यतेंद्र तिवारी ने बताया कि द्वापर युग की कथा के अनुसार जब श्रीकृष्ण बिना फगुआ दिए लौट गए थे, तब गोपियां नंदगांव पहुंचीं और फगुआ मांगा। उसी प्रेम और हंसी-ठिठोली की परंपरा आज लट्ठमार होली के रूप में निभाई जाती है, जिसमें दोनों गांवों के लोग प्रेमपूर्वक भाग लेते हैं।
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