National Herald Case: नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस नेतृत्व को बड़ी कानूनी राहत मिली है। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया है।
कोर्ट का बड़ा फैसला,किनको मिली राहत
दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान न लेते हुए कहा कि मौजूदा दस्तावेजों के आधार पर फिलहाल संज्ञान संभव नहीं है। हालांकि अदालत ने यह भी साफ किया कि ईडी चाहे तो आगे जांच जारी रख सकती है। इस फैसले से कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी, लोकसभा सांसद राहुल गांधी, सैम पित्रोदा, सुमन दुबे, सुनील भंडारी, यंग इंडियन और डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड को तत्काल राहत मिली है।
National Herald Case: ईडी का क्या है आरोप
ईडी ने आरोप लगाया है कि एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) की करीब 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों को कथित तौर पर गलत तरीके से अपने कब्जे में लिया गया। एजेंसी के अनुसार, इसमें मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी के सबूत मिले हैं।
कांग्रेस ने बताया राजनीतिक बदले की कार्रवाई
कांग्रेस पार्टी ने इस पूरे मामले को राजनीतिक प्रतिशोध बताया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर विपक्षी नेताओं को दबाने की कोशिश की जा रही है। नेशनल हेराल्ड केस में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने 3 अक्टूबर को नई एफआईआर दर्ज की थी। आरोपियों ने एफआईआर की कॉपी की मांग की थी, जिसे राऊज एवेन्यू कोर्ट ने खारिज कर दिया।
कोर्ट का स्पष्ट रुख
अदालत ने कहा कि आरोपियों को एफआईआर की जानकारी दी जा सकती है, लेकिन कॉपी उपलब्ध कराना जरूरी नहीं है। इसके साथ ही निचली अदालत के आदेश को भी रद्द कर दिया गया।
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