NCERT Supreme Court Update: सुप्रीम कोर्ट ने न्यायपालिका से जुड़े विवादित चैप्टर के मामले में एनसीईआरटी द्वारा मांगी गई माफी को स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही अदालत ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वह इस मुद्दे की समीक्षा के लिए डोमेन एक्सपर्ट कमेटी का गठन करे।
सरकार करेगी किताबों की पूरी समीक्षा
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि सरकार सभी कक्षाओं की किताबों की पूरी समीक्षा करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि माफी बिना किसी शर्त के मांगी गई है। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी भी चैप्टर को दोबारा प्रकाशित नहीं किया जाएगा जब तक विशेषज्ञ कमेटी उसे जांच और मंजूरी नहीं दे देती।

चैप्टर समीक्षा केवल विशेषज्ञ कमेटी से
सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि अगर एनसीईआरटी अगली पीढ़ी को न्यायपालिका के बारे में पढ़ाना चाहता है, तो कमेटी में एक भी ज्यूरिस्ट नहीं है, यह चिंताजनक है। उन्होंने आदेश दिया कि नया चैप्टर तब तक पब्लिश नहीं होगा जब तक कमेटी उसकी समीक्षा नहीं कर लेती।
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि कमेटी में एक पूर्व जज, एक शिक्षाविद् और एक कानून विशेषज्ञ शामिल होंगे। अदालत ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि अगले एक हफ्ते में यह कमेटी गठित की जाए।
NCERT Supreme Court Update: विशेषज्ञ हटाए, सोशल मीडिया जांच निर्देश
अदालत ने विवादित कक्षा 8 के पाठ्यक्रम में शामिल प्रोफेसर मिशेल डैनिनो, शिक्षक सुपर्णा दिवाकर और कानूनी शोधकर्ता आलोक प्रसन्ना कुमार को किसी भी भूमिका से बाहर कर दिया है। सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि अगर वे इस आदेश में संशोधन चाहते हैं तो सीधे अदालत से संपर्क कर सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को यह भी निर्देश दिया कि वे न्यायपालिका को बदनाम करने वाले सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफार्मों की पहचान करें और उनके खिलाफ कार्रवाई करें।
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