New Delhi News: उन्नाव से जुड़े बहुचर्चित आपराधिक मामले की सुनवाई से पहले मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट परिसर के बाहर माहौल गंभीर और संवेदनशील नजर आया। देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचीं महिला अधिकार कार्यकर्ता और सामाजिक संगठनों से जुड़ी महिलाओं ने पीड़िता के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की। इन महिलाओं का कहना था कि वे किसी राजनीतिक एजेंडे के तहत नहीं, बल्कि न्याय की उम्मीद के साथ सुप्रीम कोर्ट पहुंची हैं।
New Delhi News: महिला अधिकारों को लेकर उठी आवाज
महिला अधिकार कार्यकर्ता योगिता भयाना ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पीड़िता इस समय अदालत में मौजूद है और अपनी लड़ाई मजबूती से लड़ रही है। उन्होंने बताया कि पीड़िता की स्थिति स्थिर है और उसे न्याय व्यवस्था पर भरोसा है। योगिता भयाना ने कहा कि यदि पहले किसी स्तर पर न्याय में कमी रह गई है, तो उन्हें उम्मीद है कि सर्वोच्च न्यायालय उस पर गंभीरता से विचार करेगा।
New Delhi News: महिला कांग्रेस की नेताओं की मौजूदगी ने खींचा ध्यान
महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा भी पीड़िता के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक महिला तक सीमित नहीं है, बल्कि देश में महिलाओं की सुरक्षा और न्याय से जुड़ा हुआ है। अलका लांबा का आरोप था कि सुरक्षा व्यवस्था के कारण उन्हें वाहन से उतरने तक की अनुमति नहीं दी गई, जिससे महिला प्रतिनिधियों में नाराजगी देखने को मिली।
न्याय की मांग के साथ सड़क पर उतरीं महिला कार्यकर्ता
प्रदर्शन के दौरान कई महिलाओं ने ‘नारी न्याय’ लिखे पोस्टर, बैनर और बैज पहन रखे थे। दिल्ली महिला कांग्रेस की अध्यक्ष पुष्पा सतबीर सिंह समेत अन्य महिला कार्यकर्ता कुछ समय के लिए सड़क पर बैठ गईं और शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। पुलिस ने सुरक्षा का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया और उन्हें कुछ समय के लिए हिरासत में लिया।
New Delhi News: पुलिस ने संभाली स्थिति
सुप्रीम कोर्ट के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित किया गया। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें अपनी बात पूरी तरह रखने का मौका नहीं दिया गया।दोषी पक्ष के वकील ने जताया न्याय व्यवस्था पर भरोसा सुनवाई से पहले कुलदीप सिंह सेंगर की ओर से पेश वकील शशि त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय न्याय प्रणाली मजबूत है और सभी पक्षों को अदालत में अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि न्याय प्रक्रिया पर भरोसा बनाए रखना चाहिए और अंतिम फैसला अदालत पर छोड़ देना चाहिए।
CBI की मौजूदगी से बढ़ी सुनवाई की अहमियत
इस महत्वपूर्ण सुनवाई के दौरान CBI की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता अदालत में मौजूद रहे। उनकी मौजूदगी से यह स्पष्ट हो गया कि यह मामला अब भी कानूनी और संवैधानिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बना हुआ है।
New Delhi News: देशभर की निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर
उन्नाव मामला लंबे समय से देश की न्याय व्यवस्था, महिला सुरक्षा और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़ा प्रतीक बन चुका है। महिला संगठनों का कहना है कि इस सुनवाई का असर केवल इस मामले तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में ऐसे मामलों में न्याय की दिशा भी तय करेगा।न्याय की उम्मीद के साथ आगे बढ़ता मामलाफिलहाल सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी हुई हैं। पीड़िता और उसके समर्थकों को उम्मीद है कि न्यायिक प्रक्रिया पारदर्शी होगी और सच के आधार पर फैसला सामने आएगा।
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