New Rules India: 1 अप्रैल से नए वित्त वर्ष की शुरुआत हो गई है और इसके साथ ही देश में आम लोगों की जिंदगी से जुड़े कई नियम बदल गए हैं। साल के पहले ही दिन कई ऐसे फैसले लागू हुए हैं जिनका असर रसोई के खर्च, सफर, टैक्स, बैंकिंग और नौकरीपेशा लोगों की सैलरी तक पर पड़ सकता है। नए वित्त वर्ष की शुरुआत कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के महंगे होने से हुई है। सरकारी तेल कंपनियों ने इसकी कीमत में करीब 218 रुपए तक की बढ़ोतरी कर दी है। इसके अलावा रेल टिकट कैंसिलेशन, फास्टैग, टोल टैक्स, इनकम टैक्स और बैंकिंग से जुड़े कई नए नियम भी आज से लागू हो गए हैं।
कॉमर्शियल गैस सिलेंडर महंगा, रेस्टोरेंट का खर्च बढ़ेगा
नए वित्त वर्ष के पहले दिन ही कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में बड़ा इजाफा कर दिया गया है। तेल कंपनियों ने इसकी कीमत करीब 218 रुपए तक बढ़ा दी है। अब चेन्नई में कॉमर्शियल सिलेंडर 2246.50 रुपए में मिलेगा, जबकि दिल्ली में इसकी कीमत 2078.50 रुपए हो गई है।

इस बढ़ोतरी का असर सीधे होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों पर पड़ सकता है। गैस महंगी होने से इन कारोबारियों का खर्च बढ़ेगा और इसका असर ग्राहकों पर भी पड़ सकता है। आने वाले दिनों में चाय, नाश्ता, खाना या थाली के दाम बढ़ सकते हैं। शादी और अन्य आयोजनों में कैटरिंग का खर्च भी बढ़ने की संभावना है। हालांकि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।
New Rules India: रेल टिकट कैंसिलेशन का नियम बदला
रेल यात्रियों के लिए भी नियमों में बदलाव किया गया है। अब ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले तक ही टिकट कैंसिल करने पर रिफंड मिलेगा। पहले यह समय सीमा 4 घंटे थी। इसके अलावा यात्री ट्रेन के रवाना होने से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं।
इस बदलाव का मतलब यह है कि यदि कोई यात्री समय पर टिकट रद्द नहीं कर पाता तो उसे पैसे का नुकसान हो सकता है। हालांकि इस नियम का एक फायदा यह भी माना जा रहा है कि टिकट कैंसिलेशन समय बढ़ने से अन्य यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ सकती है।
फास्टैग और टोल टैक्स से जुड़े नियमों में बदलाव
सड़क मार्ग से सफर करने वालों के लिए भी कुछ नए नियम लागू किए गए हैं। फास्टैग के वार्षिक पास की कीमत में करीब 2.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी गई है। पहले जहां इस पास के लिए 3000 रुपए देने पड़ते थे, अब इसकी कीमत 3075 रुपए हो गई है।
यह पास कार मालिकों को देशभर के करीब 200 टोल प्लाजा पर बिना रुके यात्रा करने की सुविधा देता है। इसके साथ ही एक और बड़ा बदलाव यह है कि अब देश के सभी टोल प्लाजा पर कैश से भुगतान की सुविधा पूरी तरह बंद कर दी गई है। अब टोल टैक्स का भुगतान केवल फास्टैग या यूपीआई जैसे डिजिटल माध्यमों से ही किया जा सकेगा। अगर किसी वाहन में फास्टैग नहीं है या उसमें बैलेंस नहीं है, तो उसे यूपीआई के जरिए भुगतान करना होगा।
गाड़ियों की कीमतों में 2 से 3 प्रतिशत तक बढ़ोतरी
1 अप्रैल से वाहन खरीदना भी थोड़ा महंगा हो गया है। 31 मार्च तक कंपनियां पुरानी कीमतों पर गाड़ियां बेच रही थीं, लेकिन अब कमर्शियल और पैसेंजर वाहनों की कीमतों में करीब 2 से 3 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो गई है।अगर किसी व्यक्ति ने कार बुक कर दी है लेकिन 31 मार्च तक उसका बिल नहीं बन पाया, तो अब उसे नई और बढ़ी हुई कीमत चुकानी पड़ेगी। इसके साथ ही रजिस्ट्रेशन और अन्य चार्ज भी बढ़ी हुई कीमत के हिसाब से ही लगाए जाएंगे।
New Rules India: इनकम टैक्स सिस्टम में नया बदलाव
टैक्स से जुड़े नियमों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब ‘फाइनेंशियल ईयर’ और ‘असेसमेंट ईयर’ की जगह सिर्फ ‘टैक्स ईयर’ शब्द का इस्तेमाल किया जाएगा। नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 आज से लागू हो गया है।इस बदलाव का उद्देश्य टैक्सपेयर्स के बीच होने वाले भ्रम को खत्म करना है। पहले एक ही आय के लिए दो अलग-अलग सालों के नाम इस्तेमाल किए जाते थे, जिससे कई लोग कन्फ्यूज हो जाते थे।
नई टैक्स रिजीम के तहत रिटर्न फाइलिंग
सरकार ने 2025 में नई टैक्स रिजीम के स्लैब में बदलाव किया था, जो अब लागू हो चुका है। इसके तहत नौकरीपेशा लोगों को सेक्शन 87A के तहत लगभग 12.75 लाख रुपए तक की आय पर टैक्स नहीं देना पड़ सकता है।वहीं अन्य टैक्सपेयर्स के लिए करीब 12 लाख रुपए तक की आय पर टैक्स छूट का लाभ मिल सकता है। इसी नए ढांचे के अनुसार अब टैक्स रिटर्न फाइल किया जाएगा।
New Rules India: फॉर्म 16 की जगह नए फॉर्म जारी
टीडीएस से जुड़े दस्तावेजों में भी बदलाव किया गया है। अब तक कर्मचारियों को फॉर्म 16 और अन्य आय के लिए फॉर्म 16A दिया जाता था। अब इनकी जगह फॉर्म 130 और फॉर्म 131 जारी किए जाएंगे।
इन नए फॉर्म्स में टैक्स कैलकुलेशन और छूट से जुड़ी जानकारी पहले से अधिक विस्तार से दी जाएगी। इससे आयकर रिटर्न भरते समय गलती की संभावना कम हो सकती है।
HRA टैक्स छूट के नियम हुए सख्त
हाउस रेंट अलाउंस यानी HRA पर टैक्स छूट लेने के नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब कर्मचारियों को किराए की रसीद देना जरूरी होगा। यदि सालाना किराया 1 लाख रुपए से ज्यादा है तो मकान मालिक का पैन नंबर भी देना अनिवार्य होगा।
इसके अलावा बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद को भी उन शहरों की सूची में शामिल किया गया है जहां 50 प्रतिशत तक टैक्स छूट मिलती है। अब इन आठ शहरों में रहने वाले कर्मचारी अपनी बेसिक सैलरी के 50 प्रतिशत तक HRA टैक्स छूट ले सकेंगे। टैक्स विभाग अब रसीद और मकान मालिक के रिकॉर्ड का मिलान भी करेगा।
PNB एटीएम से पैसे निकालने की सीमा बदली
बैंकिंग सेक्टर में भी एक बदलाव किया गया है। पंजाब नेशनल बैंक के क्लासिक डेबिट कार्ड से अब एक दिन में अधिकतम 25 हजार रुपए ही निकाले जा सकेंगे। वहीं प्लैटिनम डेबिट कार्ड के लिए यह सीमा 50 हजार रुपए तय की गई है।अगर किसी ग्राहक को इससे ज्यादा नकद चाहिए तो उसे बैंक जाकर चेक या विड्रॉल फॉर्म के जरिए पैसे निकालने होंगे। बैंक ने यह फैसला धोखाधड़ी के मामलों को कम करने के लिए लिया है।

New Rules India: शेयर बाजार में ट्रेडिंग महंगी
शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने वालों के लिए भी नया नियम लागू हुआ है। सरकार ने फ्यूचर्स और ऑप्शंस यानी F&O ट्रेडिंग पर सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स बढ़ा दिया है।अब फ्यूचर्स की बिक्री पर 0.02 प्रतिशत की जगह 0.05 प्रतिशत टैक्स लगेगा, जबकि ऑप्शंस के प्रीमियम पर यह टैक्स 0.1 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे खासतौर पर इंट्राडे और ज्यादा ट्रेड करने वाले निवेशकों की लागत बढ़ सकती है।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर नया टैक्स नियम
सोने में निवेश करने वालों के लिए भी नियम बदले गए हैं। अब सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की मैच्योरिटी पर टैक्स छूट केवल उन्हीं निवेशकों को मिलेगी जिन्होंने इसे सीधे RBI से खरीदा है।अगर किसी ने यह बॉन्ड शेयर बाजार से किसी दूसरे निवेशक से खरीदा है, तो मैच्योरिटी पर मिलने वाले मुनाफे पर टैक्स देना होगा। इससे ऐसे निवेशकों के हाथ में आने वाला वास्तविक मुनाफा कम हो सकता है।
बेसिक सैलरी CTC का 50 प्रतिशत होना जरूरी
नौकरीपेशा लोगों के लिए नए लेबर कोड के तहत एक बड़ा बदलाव लागू हुआ है। अब किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी उसके कुल CTC का कम से कम 50 प्रतिशत होना जरूरी है। कंपनियां भत्तों को इससे ज्यादा नहीं रख सकेंगी।
इसका असर कर्मचारियों की इनहैंड सैलरी पर पड़ सकता है, क्योंकि बेसिक सैलरी बढ़ने से PF और ग्रेच्युटी में योगदान भी बढ़ जाएगा। हालांकि इससे भविष्य में मिलने वाला रिटायरमेंट फंड ज्यादा मजबूत हो सकता है।
नौकरी छोड़ने पर जल्दी मिलेगा बकाया पैसा
नौकरी बदलने वालों के लिए राहत की खबर है। पहले नौकरी छोड़ने के बाद फुल एंड फाइनल सेटलमेंट होने में करीब 90 दिन तक लग जाते थे। अब नए नियम के अनुसार कंपनी को कर्मचारी के आखिरी वर्किंग डे के दो कार्य दिवस के भीतर पूरा भुगतान करना होगा।अगर कंपनी समय पर भुगतान नहीं करती है तो कर्मचारी श्रम विभाग में शिकायत कर सकता है और ब्याज सहित पैसा मांग सकता है।
पैन कार्ड अपडेट के लिए नए दस्तावेज जरूरी
पैन कार्ड से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब पैन कार्ड बनवाते समय आधार कार्ड को जन्मतिथि के वैध प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। आधार को अब केवल एड्रेस प्रूफ के रूप में ही माना जाएगा।इसका मतलब यह है कि नया पैन कार्ड बनवाने या जन्मतिथि में बदलाव कराने के लिए अब जन्म प्रमाण पत्र या 10वीं की मार्कशीट जैसे अन्य दस्तावेज देने होंगे।
ये भी पढ़े… CM योगी की मां को अपशब्द कहने वाला मौलाना गिड़गिड़ाया, हाथ जोड़कर बोला- ‘योगी जी माफ कर दीजिए…’







