Noida Accident News: उत्तर प्रदेश के नोएडा में हाल ही में एक दर्दनाक सड़क हादसे हुआ। नोएडा के सेक्टर-150 में एक युवा इंजीनियर की कार गहरे पानी से भरे गड्ढे में गिरने और उसमे डूबने से हुई मौत हो गई। जिसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सख्त कदम उठाए गए हैं।बता दें, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं इस पुरे मामले का संज्ञान लिया है साथ ही इस घटना पर तुरंत प्रशासनिक कार्रवाई की है।
सीएम योगी ने ली सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री योगी द्वारा मामले पर सख्त कार्रवाई करी और नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम को हादसे के बाद तत्काल हटाया गया। जानकारी के अनुसार, नोएडा के सेक्टर-150 पर एक पानी से भरा हुआ गहरा गड्ढा बना हुआ था। गड्ढा काफी गहरा था जो पूरी तरह पानी से भरा हुआ था और सड़क पर अंधेरा काफी ज्यादा था जिस वजह से कार चालक को इसका सही अंदाजा नहीं लगा पाया। जिसमें रात के समय एक युवा इंजीनियर की कार इस गड्ढे में गिर गई और कार चालक की डूबने से मौत हो गई।
Noida Accident News: स्थानीयों ने प्राधिकरण पर आरोप लगाए
इस पूरी घटना के होने के पश्च्यात वहां के स्थानीय लोगों और परिजनों द्वारा प्राधिकरण पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। उनका कहना है कि काफी लंबे समय से वे लोग जलभराव, खुले गड्ढे और सुरक्षा की कमी की शिकायतें लगातार कर रहे है।लेकिन किसी ने भी इस विषय पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

इस पूरी घटना के होने के पश्च्यात वहां के स्थानीय लोगों और परिजनों द्वारा प्राधिकरण पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। उनका कहना है कि काफी लंबे समय से वे लोग जलभराव, खुले गड्ढे और सुरक्षा की कमी की शिकायतें लगातार कर रहे है।लेकिन किसी ने भी इस विषय पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
एसआईटी गठित, जांच के आदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा इस मामले परबिना देर किये जांच के आदेश दिए है। उनके निर्देश पर तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) का गठन भी किया जा चूका है। एडीजी जोन मेरठ एसआईटी टीम का नेतृत्व करने वाले है। टीम में मंडलायुक्त मेरठ और लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता भी शामिल हैं। टीम को पाँच दिनों में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई संभव
जांच में यह देखा जाएगा कि सड़क और इलाके की देखरेख किस विभाग के अधीन थी। यह भी पता लगाया जाएगा कि जलभराव और गड्ढों की जानकारी होने के बावजूद समय पर सुधार क्यों नहीं किया गया। दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ घटनास्थल का दौरा कर सकते हैं। वे पीड़ित परिवार से मिलकर सांत्वना देंगे और हर संभव मदद का आश्वासन देंगे। नोएडा सेक्टर-150 का यह हादसा प्रदेश में शहरी विकास प्राधिकरणों की सुरक्षा और कामकाज पर बड़े सवाल खड़ा करता है।
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