
पुलिस जांच ने खोला दर्दनाक सच
पुलिस की शुरुआती जांच और एक साल पहले लिखा गया माफीनामा इस घटना के पीछे छिपे दर्द और जातिगत नफरत की वजह को उजागर कर रहे हैं। यह घटना सिर्फ सुसाइड नहीं बल्कि एक लंबे समय तक चली प्रेम कहानी का दर्दनाक अंत है, जिसे ‘जाति’ का अहंकार और ‘समाज’ का डर दबा गया।
Noida Couple: बचपन की दोस्ती बनी प्यार
सुमित और रेखा की कहानी दिल्ली के त्रिलोकपुरी के एक पब्लिक स्कूल से शुरू हुई। दोनों ने 10वीं और 12वीं की पढ़ाई एक साथ की। एक ही स्कूल और साथ में बिताया गया समय धीरे-धीरे दोस्ती को प्यार में बदल गया। उनके परिवार भी एक-दूसरे को जानते थे।
सुमित एक प्रतिभाशाली क्रिकेटर था। वह यूपी, राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश के मैदानों में अपनी पहचान बना चुका था। रेखा को भी क्रिकेट का बहुत शौक था। जब सुमित मैच में होता, रेखा हमेशा फोन पर उसकी हौसला अफजाई करती।

समाज और जातिवाद की मार
ग्रेजुएशन के बाद रेखा नोएडा के सेक्टर-62 में नौकरी करने लगी। सुमित ने अपने पिता की मदद से एक वॉटर प्लांट खोला और सफलता की सीढ़ियां चढ़ने लगा। उसने मेहनत करके नोएडा में 1 करोड़ का फ्लैट खरीदा, जिसे वह रेखा को उपहार में देना चाहता था।
इस प्यार भरी कहानी का अंत समाज और जातिगत दबाव की वजह से हुआ। पुलिस ने पाया कि पिछले साल लिखा गया माफीनामा इस कहानी के दर्द और दबाव को दर्शाता है। यह दिखाता है कि कैसे समाज की सोच और जातिगत अंतर प्यार को दबा सकते हैं।
सुमित और रेखा की कहानी सिर्फ दो दिलों की नहीं, बल्कि उन हजारों प्रेमियों की भी कहानी है, जो समाज और परिवार के डर के कारण अपने प्यार को खुले तौर पर जी नहीं पाते।






