Om Birla Avishwas prastav: विपक्ष ने मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष Om Birla के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस लोकसभा महासचिव को सौंप दिया। यह नोटिस नियम 94(ग) के तहत दिया गया है और इस पर 118 सांसदों के हस्ताक्षर बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, प्रस्ताव पर चर्चा 9 मार्च को हो सकती है। 13 फरवरी को बजट सत्र के वर्तमान चरण का अंतिम दिन है, इसके बाद सदन की कार्यवाही 8 मार्च से फिर शुरू होगी।
कांग्रेस, समाजवादी दल, वामदल और राजद शामिल
नोटिस पर कांग्रेस, समाजवादी दल, वामदल और राष्ट्रीय जनता दल समेत कई विपक्षी दलों के सांसदों के हस्ताक्षर हैं। हालांकि तृणमूल कांग्रेस ने इस प्रस्ताव से दूरी बनाई है। ध्यान देने वाली बात यह है कि नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi के हस्ताक्षर इस नोटिस पर नहीं हैं, जबकि प्रियंका गांधी वाड्रा ने हस्ताक्षर किए हैं। कांग्रेस सांसद सुरेश कोडिकुन्निल, गौरव गोगोई और मोहम्मद जावेद ने महासचिव को यह नोटिस सौंपा।
Om Birla Avishwas prastav: विपक्ष के चार प्रमुख आरोप
विपक्ष ने अपने नोटिस में चार मुख्य बिंदु उठाए हैं ….
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नेता प्रतिपक्ष को सदन में बोलने का अवसर नहीं दिया गया।
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विपक्ष के आठ सांसदों को निलंबित किया गया।
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एक सत्तापक्ष सांसद को पूर्व प्रधानमंत्रियों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने की अनुमति दी गई।
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अध्यक्ष द्वारा कांग्रेस सांसदों पर साजिश का आरोप लगाया गया।
Om Birla Avishwas prastav: प्रियंका गांधी का बयान, पक्षपात का आरोप
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि अध्यक्ष पर दबाव बनाया गया है और उन्हें सफाई देनी पड़ी, जो उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सदन की कार्यवाही में निष्पक्षता नहीं बरती गई और विपक्ष की आवाज दबाई गई। इससे पहले बजट सत्र के दसवें दिन सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित हुई थी। दोपहर दो बजे के बाद ही कार्यवाही सुचारु रूप से चल सकी, जिसकी शुरुआत शशि थरूर ने बजट पर चर्चा से की।
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