Om Birla: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव बुधवार को सदन में ध्वनिमत से खारिज कर दिया गया। सदन में इस प्रस्ताव पर लंबी बहस हुई, जिसमें पक्ष और विपक्ष के कई सांसदों ने हिस्सा लिया। हालांकि सदन में सरकार के बहुमत को देखते हुए पहले से ही माना जा रहा था कि यह प्रस्ताव पारित नहीं हो पाएगा।
13 घंटे तक चली बहस
लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए 10 घंटे का समय निर्धारित किया गया था, लेकिन बहस तय समय से अधिक चली। करीब 13 घंटे तक चली चर्चा में पक्ष और विपक्ष के 42 से अधिक सांसदों ने अपनी बात रखी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संबोधन के बाद प्रस्ताव को ध्वनिमत से खारिज कर दिया गया।
Om Birla: चार दशक बाद स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव
करीब चार दशक के बाद लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। फरवरी महीने में विपक्षी दलों ने यह प्रस्ताव पेश किया था। प्रस्ताव पर चर्चा और निर्णय होने तक लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही में शामिल न होने का निर्णय भी लिया था।
विपक्ष ने लगाए निष्पक्षता पर सवाल
विपक्षी दलों ने आरोप लगाया था कि लोकसभा अध्यक्ष सदन की कार्यवाही का संचालन निष्पक्ष रूप से नहीं कर रहे हैं और सत्ता पक्ष के प्रति झुकाव दिखा रहे हैं। विपक्ष ने संविधान के अनुच्छेद 94(सी) के तहत यह प्रस्ताव पेश किया था। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम सहित कई विपक्षी दलों के सांसदों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया था, लेकिन अंततः सदन में इसे ध्वनिमत से खारिज कर दिया गया।







