PM MODI: भारत में 1 दिसंबर 2025 हमेशा के लिए इतिहास में दर्ज हो गया है। केंद्र सरकार ने देशभर के सभी राज्यों में मौजूद राजभवनों के नाम बदल दिए हैं। अब इन्हें लोकभवन कहा जाएगा।
केंद्रीय गृह मंत्रालय का आदेश – सत्ता नहीं, सेवा का प्रतीक
केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया कि यह बदलाव औपचारिकता नहीं, बल्कि एक संदेश है “सत्ता कोई विशेषाधिकार नहीं, जनता की सेवा की जिम्मेदारी है।”
PM MODI: नाम बदलने के पीछे का संदेश
सरकार का कहना है कि यह कदम उस सोच का प्रतीक है जिसमें शासन को जनसेवा से जोड़ा जाता है, न कि शक्ति के अहंकार से। राजभवन का “राज” शब्द सत्ता, वर्चस्व और अधिकार का संकेत देता था, जबकि लोकभवन जनता, सेवा और कर्तव्य की भावना को दर्शाता है।
PM MODI: पहले भी हुए बदलाव – प्रतीकों से संदेश
मोदी सरकार के 11 वर्षों में कई महत्वपूर्ण प्रतीकात्मक बदलाव किए गए हैं। राजपथ से कर्तव्य पथ राजाओं के मार्ग से बदलकर इसे कर्तव्य और सेवा की राह बताया गया। रेस कोर्स रोड से लोक कल्याण मार्ग (2016) यह नाम स्पष्ट रूप से जनता के हित और कल्याण की ओर संकेत करता है।
पीएमओ परिसर को मिला नया नाम – “सेवा तीर्थ”
प्रधानमंत्री कार्यालय वाले नए परिसर को “सेवा तीर्थ” नाम दिया गया है, जिसका अर्थ है “सेवा का पवित्र स्थान।”इस नाम का उद्देश्य यह बताना है कि शासन का केंद्र बिंदु सत्ता नहीं, सेवा है।
ये भी पढ़े….PARLIAMENT NEWS: शीतकालीन सत्र में हंगामा क्यों? एनडीए ने विपक्ष पर उठाए बड़े सवाल







