Punjab DM Suicide Case: पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) के मंत्री लालजीत भुल्लर पर गंभीर आरोप लगे हैं। अमृतसर के वेयरहाउस के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा (45) ने सुसाइड कर लिया था, लेकिन तीसरे दिन तक उनका पोस्टमॉर्टम नहीं हुआ। उनकी लाश अभी भी अमृतसर के अस्पताल में रखी गई है।कांग्रेस सांसद गुरजीत औजला ने सोमवार को लोकसभा में इस मामले को उठाया। इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यदि सभी सांसद लिखित रूप से आवेदन देंगे, तो इस मामले की जांच CBI को सौंप दी जाएगी।

रंधावा ने मंत्री से परेशान होकर सुसाइड किया
इससे पहले रंधावा का सुसाइड करते हुए CCTV फुटेज सामने आया। 21 मार्च की सुबह लगभग 5:45 बजे, रंधावा घर के आंगन में टहलते हुए दिखाई दिए। फुटेज में वे कुछ सोचते हुए अचानक रुकते हैं और सल्फास की गोलियां मुंह में डालकर पानी पी लेते हैं। इसके बाद उन्होंने मोबाइल पर वीडियो बनाया जिसमें कहा, “दोस्तों, मैंने सल्फास खा ली। मंत्री लालजीत भुल्लर से परेशान होकर अब मैं बच नहीं पाऊंगा।”
रंधावा के परिवार ने अब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उनकी पत्नी उपिंदर कौर ने कहा कि जब तक मंत्री लालजीत भुल्लर और उनके पिता सुखदेव भुल्लर को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वह पोस्टमॉर्टम और अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। उन्होंने अमृतसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया और चेतावनी दी कि यदि गिरफ्तारी नहीं हुई तो वह अपने 2 बेटियों और एक बेटे के साथ सड़क पर बैठ जाएंगी।

Punjab DM Suicide Case: रंधावा परिवार ने अल्टीमेटम दिया
इस दौरान रंधावा की मां भाग कौर रोते हुए कह रही थीं, “मंत्री ने मेरा बेटा मार दिया।” उनकी बेटी सीरत कौर ने कहा, “मैंने अब तक पापा की बॉडी नहीं देखी। यदि आम आदमी होता तो तुरंत गिरफ्तार हो जाता। क्या मंत्री के लिए अलग कानून है?” रंधावा का छोटा भाई रणबीर सिंह, जो इटली में रहते हैं, 25 मार्च को अमृतसर पहुंचेंगे।
मंत्री भुल्लर के इस्तीफे को लेकर भी सस्पेंस है। CM भगवंत मान ने कहा था कि उन्होंने मंत्री से इस्तीफा ले लिया है, लेकिन अकाली नेता बिक्रम मजीठिया का दावा है कि इस्तीफा अभी तक गवर्नर के पास नहीं पहुंचा। भाजपा के सुनील जाखड़ ने कहा कि गवर्नर के पास इस्तीफा 2 दिन बाद गया। अभी तक इस्तीफे की कॉपी सार्वजनिक नहीं हुई है।
किसान यूनियन परिवार के साथ
रंधावा ने 21 मार्च की सुबह सुसाइड किया था। इसके बाद CM भगवंत मान ने ट्रांसपोर्ट मंत्री लालजीत भुल्लर से इस्तीफा लिया। देर रात मंत्री भुल्लर, उनके पिता सुखदेव भुल्लर और PA दिलबाग पर केस दर्ज किया गया।
भारतीय किसान यूनियन परिवार के समर्थन में सामने आई। यूनियन के राज्य प्रधान परविंदर सिंह माहल ने कहा कि रंधावा अमृतसर और तरनतारन के अफसर थे। पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर ने उन्हें घर बुलाकर अपमानित किया, जिससे वह टूट गए और सुसाइड कर लिया।
परविंदर सिंह माहल ने आगे कहा, “सरकार के आने पर कहा जाता था कि आम घरों के लड़के हैं। भुल्लर सोशल मीडिया पर इंसाफ की बात करता था। लेकिन अब यह सामने आ गया कि अफसर को घर बुलाकर अपमानित किया गया और उसके बाद उन्होंने अपनी जान दे दी। परिवार को धमकियां दी गई हैं, हम उनके साथ खड़े हैं।”
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