Rahul Gandhi: भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों और कपास आयात को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। निशिकांत दुबे ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को खुली बहस की चुनौती देते हुए उन पर “झूठी कहानी” फैलाने का आरोप लगाया है। दुबे ने कहा कि व्यापार, कपास आयात और किसानों के मुद्दे पर तथ्यात्मक चर्चा होनी चाहिए, न कि राजनीतिक नैरेटिव के आधार पर आरोप-प्रत्यारोप।
अमेरिका शुल्क और कपड़ा निर्यात पर विवाद
विवाद की शुरुआत राहुल गांधी के उस वीडियो बयान से हुई, जिसमें उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में भारतीय कपड़ों पर अमेरिका में 18 प्रतिशत शुल्क लगाया जा रहा है, जबकि बांग्लादेश को शर्तों के साथ शून्य प्रतिशत शुल्क का लाभ मिल रहा है। राहुल ने केंद्र सरकार पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाया। इस पर निशिकांत दुबे ने सवाल उठाते हुए कहा कि वास्तविक आंकड़ों और व्यापार समझौतों की शर्तों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि भ्रम की स्थिति खत्म हो।
Rahul Gandhi: कपास आयात और किसानों की स्थिति पर सवाल
दुबे ने अमेरिकी कपास के आयात की आवश्यकता और उसकी मात्रा पर स्पष्टता की मांग की। उन्होंने पूछा कि देश में कुल कपास उत्पादन कितना है और किन परिस्थितियों में आयात जरूरी होता है। साथ ही, उन्होंने भारतीय कपास किसानों और कपड़ा मिलों की आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए घरेलू उत्पादन और आयात के संतुलन पर गंभीर चर्चा की आवश्यकता बताई।
विदेशी समर्थन के आरोप और संसद में बढ़ता तनाव
भाजपा सांसद ने इस मुद्दे को व्यापक राजनीतिक संदर्भ से जोड़ते हुए कथित विदेशी समर्थन और बयानों की जांच की मांग भी की। उन्होंने कहा कि यह पूरा प्रकरण “एक बड़ा झूठ” है और वे किसी भी मंच पर सार्वजनिक बहस के लिए तैयार हैं। गौरतलब है कि हाल ही में उन्होंने लोकसभा में राहुल गांधी की सदस्यता पर भी सवाल उठाए थे, जिससे संसद के भीतर राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है।
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