Rahul Gandhi Parliament: पूर्व आर्मी चीफ एमएम नरवणे की अनप्रकाशित किताब को लेकर संसद में जारी विवाद बुधवार को भी तेज बना रहा। कांग्रेस नेता राहुल गांधी किताब की प्रति लेकर संसद पहुंचे और कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन में आते हैं तो वे यह किताब उन्हें सौंपेंगे, ताकि देश सच्चाई जान सके। राहुल गांधी ने किताब का वह पेज दिखाया, जिसमें कथित तौर पर लिखा है कि प्रधानमंत्री ने आर्मी चीफ से कहा था “जो उचित समझो वह करो।” राहुल ने आरोप लगाया कि सरकार और रक्षा मंत्री किताब के अस्तित्व से इनकार कर रहे हैं, जबकि उनके पास इसकी प्रति मौजूद है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें नहीं लगता कि प्रधानमंत्री लोकसभा में आने की हिम्मत करेंगे।
किताब के अंश पढ़ने की मांग पर हंगामा
लोकसभा में पिछले दो दिनों से नरवणे की अनपब्लिश्ड बुक को लेकर लगातार हंगामा हो रहा है। राहुल गांधी सदन में किताब के अंश पढ़ना चाहते थे, लेकिन स्पीकर ओम बिरला ने इसकी अनुमति नहीं दी। इसके चलते कार्यवाही कई बार बाधित हुई और सदन स्थगित करना पड़ा।
Rahul Gandhi Parliament: राहुल-बिट्टू के बीच तीखी नोकझोंक
बजट सत्र के दौरान संसद परिसर में प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस सांसदों के बीच राहुल गांधी की केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू से तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। राहुल ने बिट्टू को “गद्दार दोस्त” कहकर संबोधित किया और हाथ मिलाने की पेशकश की, जिसे बिट्टू ने ठुकराते हुए कहा कि उनका देश के दुश्मनों से कोई संबंध नहीं है।
Rahul Gandhi Parliament: बिट्टू का राजनीतिक सफर और पुरानी बयानबाजी
रवनीत सिंह बिट्टू 2024 लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। वे पहले तीन बार कांग्रेस सांसद रह चुके हैं। चुनाव हारने के बावजूद उन्हें राज्यसभा सदस्य बनाकर केंद्र सरकार में मंत्री बनाया गया। इससे पहले सितंबर 2024 में बिट्टू ने राहुल गांधी को लेकर विवादित बयान भी दिया था, जिसमें उन्होंने उन्हें “देश का नंबर वन टेररिस्ट” तक कहा था। नरवणे की किताब को लेकर जारी यह विवाद अब संसद की कार्यवाही और सियासी बयानबाजी, दोनों को प्रभावित करता नजर आ रहा है।
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