Rajashthan news: राजस्थान के जोधपुर में शनिवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। आवारा कुत्तों के झुंड ने एक मासूम बच्चे पर अचानक हमला कर दिया। इस हमले में बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। बच्चे के चेहरे पर इतनी गंभीर चोटें आईं कि डॉक्टरों को प्लास्टिक सर्जरी करनी पड़ी। गनीमत यह रही कि उसी दौरान वहां से गुजर रहे एक राहगीर ने हिम्मत दिखाते हुए कुत्तों को भगाया। अगर वह समय पर नहीं पहुंचता, तो बच्चे की जान भी जा सकती थी। इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसे देखकर किसी की भी रूह कांप जाए।
चेहरे को बुरी तरह नोचा, सिर पर भी गहरे घाव
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुत्तों ने बच्चे के चेहरे को बुरी तरह नोच लिया और सिर के पीछे भी कई जगह गहरे घाव कर दिए। बच्चे को तुरंत गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने बताया कि चेहरे पर हुए गहरे जख्मों की वजह से प्लास्टिक सर्जरी करनी पड़ी, क्योंकि कुत्तों ने चेहरे का मांस तक नोच लिया था।
Rajashthan news: सरकारी अस्पताल में नहीं मिला समुचित इलाज
पीड़ित बच्चे के परिजनों का आरोप है कि वे सबसे पहले बच्चे को महात्मा गांधी अस्पताल लेकर गए, लेकिन वहां संतोषजनक इलाज नहीं मिला। मजबूरी में उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जहां बच्चे का ऑपरेशन किया गया। परिजनों का कहना है कि इलाज पर भारी खर्च आया, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई आर्थिक मदद नहीं मिली है।
Rajashthan news: नगर निगम पर लापरवाही के आरोप
परिवार और स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर कई बार नगर निगम में शिकायत की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का आरोप है कि अगर समय रहते नगर निगम ने कदम उठाए होते, तो इस दर्दनाक घटना को टाला जा सकता था। गौरतलब है कि एक दिन पहले ही उदय मंदिर थाना परिसर में भी एक आवारा कुत्ता घुस गया था, जहां उसने दो महिला कांस्टेबल को काट लिया। कुत्ते को पकड़ने की कोशिश के दौरान उसने अन्य लोगों पर भी हमला किया। इस घटना ने पुलिस और आम लोगों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
दहशत में शहरवासी, प्रशासन से कार्रवाई की मांग
Rajashthan news: लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के बाद जोधपुर शहर के लोग दहशत में हैं। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। शहरवासियों का कहना है कि आखिर कितनी घटनाओं के बाद नगर निगम और प्रशासन जागेगा? लोगों ने मांग की है कि आवारा कुत्तों को पकड़ने, उनकी नसबंदी और पुनर्वास के लिए ठोस और स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में किसी और मासूम को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े। घटना के बाद नगर निगम के कर्मचारी इलाके में आवारा कुत्तों को पकड़ते नजर आए, लेकिन लोग इसे देर से उठाया गया कदम बता रहे हैं।
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