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घंटे तक उल्टा फहराता रहा राष्ट्र ध्वज, सैल्यूट भी करते रहे लोग

घंटे तक उल्टा फहराता रहा राष्ट्र ध्वज, सैल्यूट भी करते रहे लोग

Rajasthan News: राजस्थान के झुंझुनूं जिले के चिड़ावा शहर में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित एक ध्वजारोहण कार्यक्रम उस समय विवादों में घिर गया, जब यह सामने आया कि कार्यक्रम स्थल पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा उल्टा फहराया गया। यह गंभीर चूक करीब छह घंटे तक किसी की नजर में नहीं आई और इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद लोग उल्टे फहराए गए ध्वज को सलामी देते रहे। यह घटना गुरु हनुमान व्यायामशाला परिसर में आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान हुई, जिसने न केवल आयोजकों की लापरवाही को उजागर किया, बल्कि राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और जागरूकता पर भी सवाल खड़े कर दिए।

Rajasthan News: गुरु हनुमान व्यायामशाला में हुआ था आयोजन:

गणतंत्र दिवस के अवसर पर चिड़ावा शहर की गुरु हनुमान व्यायामशाला में स्थानीय स्तर पर ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया था।कार्यक्रम में:स्थानीय आयोजकव्यायामशाला से जुड़े पदाधिकारी,खिलाड़ी,आम नागरिकमौजूद थे। तय समय पर ध्वजारोहण किया गया, राष्ट्रगान हुआ और सभी ने राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी।लेकिन इस पूरे कार्यक्रम के दौरान एक बेहद गंभीर तथ्य पर किसी की नजर नहीं पड़ी—तिरंगा उल्टा फहराया गया था, जिसमें केसरिया रंग नीचे और हरा रंग ऊपर था।

Rajasthan News: छह घंटे तक किसी ने नहीं टोका:

ध्वजारोहण के बाद तिरंगा लगातार करीब छह घंटे तक उसी स्थिति में फहराता रहा। इस दौरान:कई लोग परिसर में आते-जाते रहेबच्चे, युवा और बुजुर्ग वहां मौजूद रहे कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो भी बने लेकिन किसी ने भी यह नहीं पहचाना कि ध्वज सही तरीके से नहीं लगाया गया है। यह लापरवाही न सिर्फ आयोजकों की थी, बल्कि वहां मौजूद सभी जिम्मेदार लोगों की भी मानी जा रही है।करीब छह घंटे बाद किसी स्थानीय व्यक्ति की नजर जब उल्टे तिरंगे पर पड़ी, तो तुरंत इसकी जानकारी आयोजकों को दी गई।इसके बाद:आनन-फानन में तिरंगे को ठीक किया गया बिना किसी औपचारिक माफी या घोषणा के ध्वज को सीधा किया गया लेकिन तब तक यह मामला स्थानीय स्तर पर फैल चुका था और लोगों में नाराजगी और आक्रोश देखने को मिला। लोगों में नाराजगी, उठे सवाल घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि—“गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर इस तरह की लापरवाही माफी के लायक नहीं है।”

कुछ लोगों ने सवाल उठाए कि:

क्या आयोजकों को राष्ट्रीय ध्वज संहिता की जानकारी नहीं थी?क्या कार्यक्रम से पहले कोई निरीक्षण नहीं किया गया?क्या यह सिर्फ लापरवाही थी या गंभीर गैर-जिम्मेदारी?लोगों का कहना है कि राष्ट्रध्वज सिर्फ एक कपड़ा नहीं, बल्कि देश की पहचान और सम्मान का प्रतीक है।

Rajasthan News:राष्ट्रीय ध्वज संहिता क्या कहती है?

भारतीय राष्ट्रीय ध्वज संहिता (Flag Code of India) के अनुसार:तिरंगे को हमेशा सही दिशा में फहराया जाना चाहिएकेसरिया रंग ऊपर, सफेद बीच में और हरा नीचे होना अनिवार्य है ध्वज का अपमान या गलत तरीके से प्रदर्शन कानूनी अपराध की श्रेणी में आता है ऐसे मामलों में राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के तहत कार्रवाई का प्रावधान है।

जागरूकता की कमी या लापरवाही?

यह घटना एक बड़ा सवाल छोड़ जाती है—क्या हमारे समाज में राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति जागरूकता कम हो रही है?विशेषज्ञ मानते हैं कि:कई आयोजनों में ध्वजारोहण केवल औपचारिकता बन गया है सही प्रक्रिया और सम्मान की जानकारी नहीं दी जाती जिम्मेदारी तय नहीं की जाती जिसका नतीजा ऐसी घटनाओं के रूप में सामने आता है।

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