ख़बर का असर

Home » राष्ट्रीय » लिव-इन पर भागवत की दो टूक, परिवार को बताया समाज की ताकत

लिव-इन पर भागवत की दो टूक, परिवार को बताया समाज की ताकत

 राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने लिव-इन रिलेशनशिप, विवाह, परिवार और जनसंख्या नीति को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिए हैं।

Rss Mohan bhagwat: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने लिव-इन रिलेशनशिप, विवाह, परिवार और जनसंख्या नीति को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिए हैं। उन्होंने कहा कि लिव-इन में रहने वाले लोग अक्सर जिम्मेदारी उठाने को तैयार नहीं होते, जबकि विवाह और परिवार केवल शारीरिक संतुष्टि का माध्यम नहीं, बल्कि समाज की बुनियादी इकाई हैं। भागवत ने यह बातें रविवार को कोलकाता में RSS के एक कार्यक्रम के दौरान कहीं, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अंडमान-निकोबार के उपराज्यपाल एडमिरल (रिटायर्ड) डीके जोशी भी उपस्थित थे।

लिव-इन पर भागवत की टिप्पणी

मोहन भागवत ने कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप में जिम्मेदारी का भाव नहीं होता। उनके अनुसार परिवार और शादी का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत सुख नहीं, बल्कि सामाजिक दायित्व निभाना है। उन्होंने कहा कि परिवार वह स्थान है जहां व्यक्ति समाज में रहना, मूल्य और संस्कार सीखता है।

Rss Mohan bhagwat: शादी और बच्चों को लेकर क्या बोले

भागवत ने स्पष्ट किया कि बच्चों की संख्या या शादी की उम्र को लेकर कोई सख्त फॉर्मूला नहीं हो सकता। हालांकि उन्होंने कहा कि शोध बताते हैं कि अगर शादी 19 से 25 वर्ष की उम्र के बीच हो और तीन बच्चे हों, तो माता-पिता और बच्चों दोनों का स्वास्थ्य बेहतर रहता है। उन्होंने कहा कि कितने बच्चे हों, यह पति-पत्नी और परिवार को तय करना चाहिए।

जनसंख्या नीति और भविष्य की जरूरत

RSS प्रमुख ने कहा कि भारत ने अपनी जनसंख्या को प्रभावी ढंग से प्रबंधित नहीं किया है। जनसंख्या बोझ भी है और संपत्ति भी। उन्होंने सुझाव दिया कि देश को पर्यावरण, इंफ्रास्ट्रक्चर, महिलाओं की स्थिति, स्वास्थ्य और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 50 वर्षों के अनुमान के आधार पर जनसंख्या नीति बनानी चाहिए। उन्होंने चेताया कि अगर जन्म दर 2.1 से नीचे जाती है, तो यह खतरनाक स्थिति हो सकती है।

RSS को लेकर धारणा पर बयान

भागवत ने कहा कि अब लोगों में RSS को लेकर समझ बेहतर हुई है। संगठन को हिंदुओं की सुरक्षा का पक्षधर और राष्ट्रवादी माना जाता है, लेकिन वह मुस्लिम विरोधी नहीं है। उन्होंने कहा कि RSS गलत धारणाओं को दूर करने का प्रयास करता रहेगा, हालांकि जो समझना नहीं चाहता, उसकी मदद संभव नहीं।

ये भी पढ़े… संस्कृति और राष्ट्र के स्तर पर हिंदू-मुसलमान एक हैं: संघ प्रमुख मोहन भागवत

 

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

Share this post:

खबरें और भी हैं...

Live Video

लाइव क्रिकट स्कोर

khabar india YouTube posterKhabar India YouTube

राशिफल