RSS Program Betul: मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में हिंदू सम्मेलन से पहले भगवा झंडे जलाने की घटना सामने आई है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई, हालांकि पुलिस की मुस्तैदी से हालात काबू में हैं।
हिंदू सम्मेलन की तैयारियों के दौरान घटना
जानकारी के अनुसार, लोहिया कस्बे में 18 जनवरी को आयोजित होने वाले हिंदू सम्मेलन की तैयारियों के तहत सड़क किनारे और आयोजन स्थल पर भगवा झंडे लगाए गए थे। शुक्रवार देर रात कुछ असामाजिक तत्वों ने कथित तौर पर इन झंडों को हटाकर जला दिया।
RSS Program Betul: आरएसएस कार्यकर्ताओं ने देखा जले हुए झंडे
शनिवार तड़के जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यकर्ता शाखा और प्रभात-फेरी के लिए निकले, तो उन्होंने पाया कि करीब आठ से दस भगवा झंडे गायब थे और कुछ जले हुए मिले। इसके बाद कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया।
पुलिस में दर्ज हुई शिकायत
इस मामले में हिंदू सम्मेलन की आयोजन समिति के सदस्य रोमित उइके ने कोतवाली थाना में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में देखा गया कि दो व्यक्ति एक सैंट्रो कार से आए, उन्होंने भगवा झंडे हटाए और बाद में उन्हें जला दिया।
RSS Program Betul: घंटों की तलाश के बाद गिरफ्तारी
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने तलाशी अभियान चलाया और शनिवार शाम तक दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान तौफीक और मुशर्रफ के रूप में हुई है।
धारा 299 के तहत मामला दर्ज
बैतूल के पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
RSS Program Betul: इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा
घटना के बाद बड़ी संख्या में दक्षिणपंथी कार्यकर्ता मौके पर एकत्र हो गए और विरोध प्रदर्शन किया। हालात को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और क्षेत्र में भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया।
आरएसएस शताब्दी वर्ष से जुड़ा है सम्मेलन
उल्लेखनीय है कि यह हिंदू सम्मेलन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष समारोह के तहत आयोजित किया जा रहा है, जिसे एक सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रम के रूप में देखा जा रहा है।
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