Sagar News: शाहपुर में धार्मिक कार्यक्रम के दौरान दीवार गिरने से नौ बच्चों की मौत के मामले में स्थानीय अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। करीब 19 महीने बाद आए इस फैसले में तीन लोगों को लापरवाही का दोषी ठहराया गया है।
तीन आरोपियों को पांच साल की सजा
9वें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजेश सिंह की अदालत ने जर्जर मकान के मालिक मुलू पटेल और श्रीमद भागवत कथा के आयोजक संजू उर्फ केशव पटेल तथा शिव पटेल को आपराधिक लापरवाही का दोषी माना। अदालत ने तीनों को पांच साल के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।
Sagar News: दर्दनाक हादसे ने छीनी थी मासूमों की जिंदगी
यह हादसा 4 अगस्त 2024 को शाहपुर में हुआ था। हरदौल बाबा मंदिर के पास चल रही श्रीमद भागवत कथा के दौरान एक जर्जर दो मंजिला मकान की दीवार अचानक गिर गई थी। उस समय टेंट के नीचे बच्चे शिवलिंग निर्माण कार्यक्रम में शामिल थे।
11 बच्चे दबे, 9 की मौत
दीवार गिरने से 10 से 15 साल की उम्र के 11 बच्चे मलबे में दब गए थे। ग्रामीणों के प्रयासों के बावजूद दिव्यांश, नितेश, आशुतोष, प्रिंस, पर्व, देवराज, वंश (मयंक), हेमंत और ध्रुव सहित नौ बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं सुमित प्रजापति और खुशी पटवा को इलाज के बाद बचा लिया गया।
Sagar News: प्रशासनिक कार्रवाई भी हुई थी
घटना के बाद पुलिस ने तुरंत केस दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। वहीं मध्य प्रदेश सरकार ने भी सख्त कदम उठाते हुए तत्कालीन कलेक्टर दीपक आर्य और पुलिस अधीक्षक अभिषेक तिवारी को उनके पदों से हटा दिया था।
पीड़ित परिवारों को मिला आंशिक न्याय
अदालत के फैसले से पीड़ित परिवारों को कुछ हद तक न्याय मिलने का एहसास हुआ है। हालांकि, वे अब भी ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सार्वजनिक और धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करने की मांग कर रहे हैं।
Sagar News: सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था और जर्जर भवनों के उपयोग पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े दिशा-निर्देश और उनका सख्ती से पालन जरूरी है।
ये भी पढ़े… तेल संकट के बीच केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, 40 पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट पर कस्टम ड्यूटी जीरो







