ख़बर का असर

Home » उत्तर प्रदेश » इल्म का मरकज़ या कारोबार का गढ़? मौलाना इसहाक़ गोरा ने खोला सच

इल्म का मरकज़ या कारोबार का गढ़? मौलाना इसहाक़ गोरा ने खोला सच

Saharanpur News

Saharanpur News: जमीयत दावतुल मुस्लिमीन के संरक्षक और मशहूर देवबंदी उलेमा मौलाना क़ारी इसहाक़ गोरा ने मुसलमानों के तालीम से बढ़ती दूरी पर गहरी चिंता ज़ाहिर की है। उन्होंने गुरुवार को एक वीडियो बयान जारी करते हुए कहा कि सहारनपुर और देवबंद इल्म और तालीम के बड़े मरकज़ माने जाते हैं, लेकिन मौजूदा हालात इस पहचान पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।

तिजारत तालीम की जगह लेने लगे तो खतरनाक

मौलाना क़ारी इसहाक़ गोरा ने कहा कि मुस्लिम मोहल्लों में जहाँ किताबों की दुकानें, इल्मी माहौल और तालीमी रौनक़ दिखाई देती हैं, वहाँ अब तेज़ी से खाने-पीने के होटल और अन्य कारोबारी गतिविधियाँ बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें कारोबार से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन जब तिजारत तालीम की जगह लेने लगे तो यह एक खतरनाक रुझान बन जाता है। अपने बयान में उन्होंने कहा, “हम देखते हैं कि देवबंद में दारुल उलूम के इर्द-गिर्द और सहारनपुर में कंबोह के पुल पर रात-रात भर रौनक़ें लगी रहती हैं। कोई होटल के बाहर चाय पीता नज़र आता है, तो कोई टोला बनाकर घंटों बातें करता रहता है।” उन्होंने अफ़सोस ज़ाहिर करते हुए कहा कि अगर यही वक़्त इल्म, किताब और तालीम के लिए लगाया जाता, तो हालात कहीं बेहतर हो सकते थे।

Saharanpur News: मुसलमानों की तरक़्क़ी का रास्ता इल्म से होकर गुज़रता

मौलाना क़ारी इसहाक़ गोरा ने ज़ोर देकर कहा कि तालीम किसी भी क़ौम की बुनियादी पहचान होती है और मुसलमानों की तरक़्क़ी का रास्ता हमेशा इल्म से होकर गुज़रता है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर आज की नौजवान नस्ल का ज़्यादातर वक़्त बे-मक़सद मशग़ूलियतों में गुज़रता रहा, तो आने वाला कल किस दिशा में जाएगा। उन्होंने समाज के ज़िम्मेदार लोगों, उलेमा, तालीमी संस्थाओं के ज़िम्मेदारों और अभिभावकों से अपील की कि वे इस बदलते रुझान पर गंभीरता से ग़ौर करें। उन्होंने कहा कि बच्चों और नौजवानों को सिर्फ़ रोज़गार तक सीमित सोच देना काफ़ी नहीं है, बल्कि उन्हें इल्म, अख़लाक़ और ज़िम्मेदारी का एहसास दिलाना भी उतना ही ज़रूरी है।

अपने बयान के आख़िर में मौलाना क़ारी इसहाक़ गोरा ने कहा कि आज मुसलमानों को दूसरों पर उँगली उठाने से पहले ख़ुद का एहतिसाब करने की सख़्त ज़रूरत है। अगर तालीम को आज भी पहली तरजीह नहीं बनाया गया, तो आने वाला वक़्त हमसे ज़रूर सवाल करेगा।

य भी पढ़े… खेलो इंडिया अस्मिता नॉर्थ जोन लीग में सहारनपुर की बेटियां बढ़ाएंगी जिले का मान, किक और पंच से रचेंगी इतिहास

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

Share this post:

खबरें और भी हैं...

Live Video

लाइव क्रिकट स्कोर

khabar india YouTube posterKhabar India YouTube

राशिफल