Saharanpur News: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की “अवैध खनन पर जीरो टॉलरेंस” नीति और प्रशासनिक सख्ती के बावजूद खनन माफियाओं के हौसले लगातार बुलंद नजर आ रहे हैं। सहारनपुर जिले में जिलाधिकारी द्वारा अवैध खनन के खिलाफ चलाए जा रहे सघन अभियान का खौफ खनन माफियाओं पर फिलहाल असर करता नहीं दिख रहा है।
पहले जानें मामला…
ताजा मामला बेहट तहसील का है, जहां पड़ोसी राज्य हरियाणा से आए खनन माफिया रात के अंधेरे में उत्तर प्रदेश की सीमा में घुसपैठ कर यमुना नदी का सीना छलनी कर रहे हैं। प्रशासन की निगरानी और लगातार कार्रवाई के बावजूद माफिया बेखौफ होकर अवैध खनन को अंजाम दे रहे हैं।
देर रात मशीनों की गूंज से दहला धोलरा क्षेत्र
रविवार देर रात बेहट तहसील के धोलरा और आलमगीर क्षेत्र उस वक्त दहल उठे, जब हरियाणा के खनन माफियाओं ने भारी संख्या में जेसीबी और पोकलैंड मशीनें उतारकर अवैध खनन शुरू कर दिया। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, रात के सन्नाटे में मशीनों की तेज आवाज के बीच यमुना नदी की जलधारा और उसके किनारों को गहराई तक खोदकर बड़े पैमाने पर रेत और अन्य खनन सामग्री निकाली गई।
योगी सरकार की नीति को खुली चुनौती
योगी सरकार जहां अवैध खनन को पर्यावरण, कानून व्यवस्था और राजस्व के लिए गंभीर खतरा मानते हुए सख्त कार्रवाई कर रही है, वहीं सीमावर्ती इलाकों में माफियाओं की यह हरकतें सरकारी मंशा को खुली चुनौती के रूप में देखी जा रही हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर इतनी बड़ी कार्रवाई स्थानीय स्तर पर कैसे अंजाम दी जा रही है और माफियाओं को किसका संरक्षण मिल रहा है।
इस पूरे मामले पर एसडीएम बेहट मानवेंद्र सिंह ने बताया कि इससे पहले भी यूपी की सीमा में घुसकर अवैध खनन करने वाले हरियाणा के खनन माफियाओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि इस मामले में भी अवैध खनन में संलिप्त लोगों को चिन्हित कर सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
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