Security Council: संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत माइक वाल्ट्ज ने दावा किया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा शांति योजना को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सर्वसम्मति से समर्थन मिला है। उन्होंने इसे इजरायल-फिलिस्तीन जैसे संवेदनशील मुद्दे पर अमेरिका की बड़ी कूटनीतिक सफलता बताया।
सुरक्षा परिषद में 13-0 से पारित हुआ प्रस्ताव
सलेम न्यूज चैनल पर ह्यूग हेविट को दिए इंटरव्यू में माइक वाल्ट्ज ने कहा कि यह प्रस्ताव 13-0 के मतों से पारित हुआ। उन्होंने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय का स्पष्ट समर्थन दर्शाता है और गाजा संकट के समाधान की दिशा में एक अहम कदम है।
Security Council: अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल और विशेष फंड का प्रावधान
वाल्ट्ज के मुताबिक, शांति योजना के तहत एक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल गठित किया जाएगा। इसके साथ ही एक फिलिस्तीनी टेक्नोक्रेटिक अथॉरिटी बनाई जाएगी, जो प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालेगी। उन्होंने बताया कि विश्व बैंक के तहत एक विशेष फंड भी स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए इंडोनेशिया ने पहले ही 5 अरब डॉलर देने की घोषणा की है। इंडोनेशिया ने 8,000 सैनिक देने का भी सार्वजनिक वादा किया है।
युद्धविराम लागू, बंधकों की रिहाई
अमेरिकी राजदूत ने कहा कि इस पहल के चलते युद्धविराम लागू हो चुका है, बंधकों की रिहाई हुई है और गाजा में मानवीय सहायता पहुंच रही है। उन्होंने बताया कि अब बातचीत का दूसरा चरण हमास पर केंद्रित है। वाल्ट्ज ने चेतावनी दी कि हमास को या तो शांतिपूर्ण तरीके से या फिर कठोर कार्रवाई के जरिए हथियार छोड़ने होंगे।
Security Council: हमास समर्थक देशों के रुख में बदलाव का दावा
वाल्ट्ज ने दावा किया कि पहले हमास का समर्थन करने वाले कतर, तुर्की और मिस्र जैसे देश अब अमेरिका के साथ खड़े हैं। साथ ही इजरायल भी इस शांति पहल का सक्रिय हिस्सा है।
ईरान पर और सख्त होगा अमेरिका का रुख
ईरान को लेकर माइक वाल्ट्ज ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के ‘स्नैपबैक प्रतिबंध’ अब भी प्रभावी हैं, भले ही रूस और कुछ हद तक चीन ने आपत्ति जताई हो। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान के साथ व्यापार करने वाले देश इन प्रतिबंधों का उल्लंघन करेंगे।
आईआरजीसी पर गंभीर आरोप
वाल्ट्ज ने दावा किया कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ईरान की अर्थव्यवस्था के 40 से 50 प्रतिशत हिस्से को नियंत्रित करता है। उनके अनुसार प्रतिबंधों का असर ईरानी शासन की आर्थिक स्थिति पर साफ दिखाई देने लगा है।
Security Council: ‘घोस्ट फ्लीट’ पर कार्रवाई के संकेत
ईरान की तथाकथित ‘घोस्ट फ्लीट’ पर कार्रवाई को लेकर उन्होंने कहा कि अमेरिका को संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधों के तहत जहाज जब्त करने का अधिकार है। हालांकि, उन्होंने माना कि यह मुद्दा विवादित है। वाल्ट्ज ने अंतर्राष्ट्रीय मैरिटाइम संगठन जैसे संस्थानों के जरिए कड़ी कार्रवाई की वकालत की।
ईरान में अशांति और मानवाधिकार उल्लंघन का दावा
ईरान में जारी अशांति पर बोलते हुए वाल्ट्ज ने संयुक्त राष्ट्र सत्र में पेश आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि हालिया घटनाओं में 18 लोगों की मौत हुई है। उन्होंने इसे शासन द्वारा अपने ही नागरिकों के खिलाफ “व्यापक दमन” करार दिया। इस सत्र में प्रमुख ईरानी असंतुष्ट मसीह अलीनेजाद भी मौजूद थीं।
अमेरिका का स्पष्ट संदेश
समयसीमा को लेकर पूछे गए सवाल पर वाल्ट्ज ने कहा कि अमेरिका ने ईरान को साफ संदेश दिया है उसे यूरेनियम संवर्धन, लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें और आतंकी नेटवर्क का समर्थन छोड़ना होगा, तभी आगे किसी समझौते की गुंजाइश बनेगी।
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