Sesame Seeds Benefits: माघ मास में ठंड सबसे ज्यादा होती है, जिससे सर्दी से होने वाले रोग बढ़ जाते हैं। ऐसे समय में गर्म तासीर वाला तिल शरीर और स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है। मकर संक्रांति, तिल द्वादशी, गणेश चौथ जैसे त्योहारों में तिल का इस्तेमाल स्नान, दान, पूजा और भोजन में करना बहुत शुभ होता है।
धार्मिक परंपराओं में तिल
ठंड के कारण इस महीने वात दोष बढ़ जाता है, जिससे शरीर में सूखापन, दर्द और थकान होती है। तिल की गर्म तासीर और तैलीय गुण इन परेशानियों को कम करते हैं। धर्मशास्त्रों में तिल का दान, तिल से स्नान और तिल-गुड़ के लड्डू खाने को पुण्यदायी बताया गया है। उदाहरण के लिए, गणपति को तिल के लड्डू चढ़ाना या संक्रांति पर षटतिला एकादशी में तिल का छह तरह से उपयोग करना विशेष महत्व रखता है।

Sesame Seeds Benefits: तिल के छह उपयोग
तिल मिलाए पानी से स्नान करना, शरीर पर तिल का लेप लगाना, हवन में तिल की आहुति देना, ब्राह्मण या जरूरतमंदों को तिल दान करना, व्रत के अनुसार तिल से बने व्यंजन खाना, तिल मिश्रित जल पीना या पितरों को तर्पण करना। ये सभी काम करने से शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभ मिलते हैं। नदी स्नान न कर पाने वाले लोग घर पर तिल मिलाकर स्नान करें, तो भी संक्रांति का पूरा पुण्य मिलता है।
आयुर्वेद में तिल
आयुर्वेद में तिल को ‘सर्वदोष हारा’ कहा गया है। यह शरीर को पोषण देता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। तिल की तासीर गर्म होती है, जिससे सर्दी, खांसी, जोड़ों का दर्द और ठंड से कमजोरी दूर होती है। यह वात और कफ दोष को संतुलित करता है, जबकि पित्त को थोड़ा बढ़ा सकता है। तिल भारी, तैलीय और पौष्टिक होता है, जो ऊतकों को नमी देता और शरीर को मजबूत बनाता है।
Sesame Seeds Benefits: स्वास्थ्य लाभ
तिल में कैल्शियम, आयरन, विटामिन ई और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। रोजाना तिल खाने या तिल के तेल से मालिश करने से: हड्डियां मजबूत होती हैं, दांत स्वस्थ रहते हैं, बालों का झड़ना कम होता है, पाचन सही रहता है, कब्ज और पेट की गैस-एसिडिटी दूर होती है, त्वचा नरम और जवान बनी रहती है, घाव जल्दी भरते हैं और एंटी-एजिंग गुण मिलते हैं माघ मास में तिल का सेवन न केवल धार्मिक और पुण्यकारी है, बल्कि सेहत के लिए भी वरदान साबित होता है।
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