Shamli News: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली जिले में सोमवार रात अपराध जगत में खलबली मच गई, जब पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई में बावरिया गिरोह का खूंखार सरगना मिथुन मुठभेड़ में ढेर हो गया। 1 लाख 25 हजार रुपये के इनामी इस बदमाश का अंत वेदखेड़ी–मंसूरा मार्ग पर हुई भीषण गोलीबारी में हुआ। हालांकि उसका साथी राहुल अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहा। पुलिस के अनुसार, मिथुन के मारे जाने से वेस्ट यूपी से लेकर तमिलनाडु तक फैले उसके अपराध नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गिरा कुख्यात बदमाश
सोमवार देर रात एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह को मुखबिर से सूचना मिली कि बावरिया गिरोह के सदस्य वेदखेड़ी-मंसूरा मार्ग पर किसी बड़ी वारदात की तैयारी में हैं। इसके बाद झिंझाना थाना पुलिस और एसओजी की टीम ने इलाके में घेराबंदी कर जाल बिछाया। जैसे ही बदमाशों को पुलिस की मौजूदगी का अहसास हुआ, उन्होंने बिना चेतावनी फायरिंग शुरू कर दी। गोलीबारी में एसओजी के हेड कांस्टेबल हरविंदर के गोली लगने से घायल होने की सूचना है, जबकि झिंझाना थाना प्रभारी वीरेंद्र कसाना की जैकेट को छूकर गोली निकल गई और उनकी जान बाल-बाल बची। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गैंग का सरगना मिथुन ढेर हो गया। घायल पुलिसकर्मी को ऊन सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया।
Shamli News: बड़ी वारदात की थी तैयारी
मिथुन के पास से कार्बाइन और मेड इन इटली पिस्टल बरामद हुई है। पुलिस का कहना है कि इतने आधुनिक हथियार इस बात का संकेत हैं कि वह किसी बड़ी साजिश के इरादे से निकला था और लंबे समय से पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था।

तमिलनाडु से पंजाब तक फैला था अपराध साम्राज्य
मिथुन का आपराधिक नेटवर्क कई राज्यों में फैला था। शामली पुलिस उसके ऊपर 1 लाख और बागपत पुलिस 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर चुकी थी। उसके खिलाफ हत्या, लूट और अन्य गंभीर अपराधों के 20 से अधिक मुकदमे दर्ज थे। वारदात के बाद वह पंजाब, जयपुर, साउथ दिल्ली समेत कई राज्यों में छिपता था। जांच में यह भी सामने आया है कि वह तमिलनाडु में भी कई लूट की घटनाओं में शामिल रहा। बागपत में कांवड़ यात्रा के दौरान एक महिला से लूट और 2017 में झिंझाना के भारत कुमार हत्याकांड में उसकी संलिप्तता ने उसे पुलिस के रडार पर प्रमुख रूप से ला दिया था।
Shamli News: एक महीने में तीन बड़े इनामी ढेर
अपराध मुक्त समाज की दिशा में काम कर रही शामली पुलिस की यह तीसरी बड़ी सफलता है। 18 अक्टूबर को भभीसा के जंगल में 1 लाख का इनामी नफीस ढेर, 24 अक्टूबर को संजीव जीवा गैंग का शूटर फैसल भोगी माजरा में मारा गया और अब 1.25 लाख का इनामी मिथुन ढेर। जानकारी देते हुए एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि इन तीन मुठभेड़ों ने जिले में सक्रिय गैंगों की कमर तोड़ दी है। पुलिस की कार्रवाई अपराधियों के लिए एक सख्त संदेश है कि कानून के हाथ अब उनके बेहद करीब हैं।







