Shankaracharya controversy: प्रयागराज में माघ मेले के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य और प्रशासन के बीच हुई कथित नोकझोंक को लेकर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर आचार्य पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों का समाधान टकराव नहीं, बल्कि संवाद और आपसी समझ से निकाला जाना चाहिए।
“दोनों पक्ष सनातनी, बैठकर निकालें हल”
कोटा के रामगंजमंडी विधानसभा क्षेत्र में आयोजित श्रीराम कथा के दौरान मीडिया से बातचीत में पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि उन्हें पूरे मामले की विस्तृत जानकारी नहीं है, लेकिन सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में सामने आई जानकारी के आधार पर वह इतना जरूर कहना चाहते हैं कि सनातन धर्म का उपहास नहीं होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा, “दोनों पक्ष अपने हैं, दोनों सनातनी हैं। ऐसे में बैठकर समझौता कर लेना ही सबसे बेहतर रास्ता है।”
Shankaracharya controversy: गौसेवा को लेकर केंद्र सरकार से अपील
कथा के दौरान पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने गौसेवा को लेकर भी बड़ा संदेश दिया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे गाय की सेवा को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। साथ ही केंद्र सरकार से मांग की कि गाय को ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा दिया जाए, जिससे समाज में गौसंरक्षण को और मजबूती मिल सके।
20 गरीब परिवारों को मिलेगा आरती का सौभाग्य
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने बताया कि इस बार कथा के दौरान सामाजिक समरसता की एक विशेष पहल की गई है। इसके तहत 20 गरीब परिवारों को आरती करने का अवसर दिया जाएगा। इसके लिए पंडितों की एक समिति बनाई गई है, जो वास्तविक जरूरतमंदों की पहचान करेगी, ताकि समाज में अमीरी और गरीबी के बीच की खाई कम हो सके।
Shankaracharya controversy: युवाओं को सोशल मीडिया से दूर रहने की सलाह
सोशल मीडिया पर बढ़ती निर्भरता को लेकर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने युवाओं को सचेत किया। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी रील्स और सोशल मीडिया में उलझकर अपना कीमती समय बर्बाद कर रही है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपने परिवार और समाज से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ें और यह समझें कि सोशल मीडिया पर दिखने वाला हर व्यक्ति सही चरित्र का प्रतिनिधित्व नहीं करता।







