Shankaracharya: अयोध्या में धार्मिक संत और कथावाचक सीताराम दास महाराज ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान का समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं हो सकता और कानून सबके लिए समान है। महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री का बयान पूरी तरह सत्य और संविधानसम्मत है।
‘कानून सबके लिए बराबर’
आईएएनएस से बातचीत में सीताराम दास महाराज ने कहा कि देश संविधान और कानून से चलता है। कानून किसी के साथ पक्षपात नहीं करता और न ही किसी को गैर-कानूनी कार्य की अनुमति देता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि चाहे शंकराचार्य हों या मंत्री, सभी को कानून के दायरे में रहना होगा। कानून का उल्लंघन करने पर कार्रवाई तय है।
Shankaracharya: माघ मेले के प्रकरण पर टिप्पणी
महाराज ने माघ मेले से जुड़े विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि इमरजेंसी द्वार को बाधित करना गंभीर मामला था। जहां करोड़ों श्रद्धालु मौजूद हों, वहां एग्जिट गेट से प्रवेश की अनुमति देना भगदड़ जैसी स्थिति पैदा कर सकता है। उन्होंने सरकार से इस मामले में उचित कार्रवाई की मांग की।
विपक्ष पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में कहा कि वह स्वयं भी कानून से ऊपर नहीं हैं। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए याद दिलाया कि पूर्ववर्ती सरकार में संत पर लाठीचार्ज हुआ था। सीएम ने कहा कि जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति को मर्यादा में रहना चाहिए और प्रदेश में कानून का पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा।
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