Sikh pilgrims Pakistan: नवंबर 2025 में गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर भारत से पाकिस्तान गए सिख तीर्थयात्रियों के जत्थे से जुड़ा एक मामला अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। पंजाब के कपूरथला जिले के अमानीपुर गांव की रहने वाली 48 वर्षीय सरबजीत कौर को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं, जिससे मामला संवेदनशील बनता जा रहा है।
तीर्थ यात्रा के बाद भारत नहीं लौटी सरबजीत कौर
सरबजीत कौर 4 नवंबर 2025 को 1,932 सिख श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ अटारी–वाघा सीमा के जरिए पाकिस्तान पहुंची थीं। जत्थे ने गुरु नानक देव जी के जन्मस्थल ननकाना साहिब सहित विभिन्न ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन किए। तय कार्यक्रम के अनुसार अधिकांश श्रद्धालु भारत लौट आए, लेकिन सरबजीत कौर वापस नहीं लौटीं। 13 नवंबर को जब उनका नाम न तो पाकिस्तान के निकास रिकॉर्ड में मिला और न ही भारत के प्रवेश रिकॉर्ड में दर्ज पाया गया, तब उनके लापता होने की पुष्टि हुई।
Sikh pilgrims Pakistan: निकाह और धर्म परिवर्तन के दावे
पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, सरबजीत कौर ने पाकिस्तान पहुंचने के अगले ही दिन शेखूपुरा जिले के निवासी नासिर हुसैन से निकाह कर लिया। आरोप है कि उन्होंने इस्लाम स्वीकार कर अपना नाम नूर हुसैन रख लिया। निकाह से जुड़े दस्तावेजों और सामने आए वीडियो में वे इसे अपनी मर्जी से लिया गया फैसला बताती नजर आईं। उनका दावा है कि वे तलाकशुदा हैं और नासिर हुसैन को कई वर्षों से जानती थीं।
गिरफ्तारी और दारुल अमान भेजे जाने से बढ़ी जटिलता
मामला उस समय और गंभीर हो गया जब पाकिस्तानी पुलिस ने सरबजीत कौर को गिरफ्तार कर लाहौर के सरकारी आश्रय गृह ‘दारुल अमान’ भेज दिया, जबकि नासिर हुसैन को पुलिस हिरासत में रखा गया है। बताया जा रहा है कि अदालत से संरक्षण के आदेश के बावजूद यह कार्रवाई की गई।
Sikh pilgrims Pakistan: सीमा बंद, भारत वापसी पर संशय
फिलहाल वाघा–अटारी सीमा बंद होने के कारण सरबजीत कौर को भारत वापस भेजने की प्रक्रिया अटकी हुई है। इस घटनाक्रम ने न सिर्फ तीर्थ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि भारत–पाकिस्तान के बीच मानवीय और कूटनीतिक स्तर पर भी नई चिंता पैदा कर दी है।
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