Supaul News: बिहार के सुपौल जिले में सर्दी व घने कोहरे का प्रकोप बढ़ने के साथ सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में इजाफा दर्ज किया जा रहा है। कम विजिबिलिटी, वाहनों की तेज गति तथा भारी वाहनों के स्पष्ट रूप से न दिख पाने के कारण विशेषकर रात और सुबह के समय दुर्घटनाएँ बढ़ रही हैं। इसी गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए जिला पदाधिकारी सुपौल के निर्देश पर जिला परिवहन कार्यालय ने एक व्यापक सड़क सुरक्षा अभियान शुरू किया है।
सभी वाहनों पर रेडियम टेप अनिवार्य
अभियान के तहत जिले में चलने वाले सभी प्रकार के वाहनों—ट्रक, बस, ऑटो, ट्रैक्टर, निजी व सरकारी वाहनों—के पीछे की ओर रेट्रो रिफ्लेक्टिव/रेडियम टेप लगाना अनिवार्य किया गया है। साथ ही सभी वाहनों में प्राथमिक उपचार पेटी और अग्निशमन यंत्र भी अनिवार्य किए गए हैं। जिला परिवहन पदाधिकारी के अनुसार यह निर्णय त्वरित, अत्यावश्यक और पूर्णतः जनहित में लिया गया है, ताकि कोहरे में वाहनों की दृश्यता बढ़ सके और दुर्घटना संभावनाएँ कम हों। इस अभियान को एक जन-जागरूकता व सुरक्षा मिशन के रूप में संचालित किया जा रहा है। परिवहन कार्यालय की अधिकृत एजेंसी द्वारा निजी और वाणिज्यिक वाहनों पर न्यूनतम शुल्क लेकर रिफ्लेक्टिव टेप लगाया जाएगा, जबकि सरकारी वाहनों, एम्बुलेंस आदि में यह सेवा मुफ्त उपलब्ध है।
Supaul News: रिफ्लेक्टिव टेप मुफ्त
घने कोहरे के बीच दोपहिया और साइकिल चालकों के लिए दुर्घटना जोखिम अधिक देखा गया। इस वजह से परिवहन विभाग ने मोटरसाइकिल व साइकिल पर पूरी तरह मुफ्त रिफ्लेक्टिव टेप लगाने का निर्णय लिया है। जिले के मुख्य चौक-चौराहों, बाज़ार क्षेत्रों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में परिवहन विभाग की टीमें कैंप लगाकर यह कार्य कर रही हैं।
सरकारी वाहनों में लगाया गया रिफ्लेक्टिव टेप
समाहरणालय परिसर में मौजूद सभी सरकारी पदाधिकारियों के वाहनों पर भी रिफ्लेक्टिव टेप लगाया गया है, ताकि यह संदेश जाए कि सड़क सुरक्षा एक छोटी सी पहल से भी सुनिश्चित की जा सकती है और कोहरे में दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। वहीं विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस वाहन और राष्ट्रीय/राज्य राजमार्गों पर चलने वाले मालवाहक वाहनों पर भी रिफ्लेक्टिव टेप लगाए गए हैं। कई वाहन चालकों ने इस पहल की सराहना की और इसे उपयोगी बताया। जिला परिवहन पदाधिकारी के अनुसार रिफ्लेक्टिव टेप लगने के बाद वाहन 100–150 मीटर की दूरी से भी दिखाई देते हैं, जिससे टक्कर की आशंका कम हो जाती है। इसके लिए सभी थानाध्यक्षों व यातायात पदाधिकारियों को प्रचार-प्रसार बढ़ाने, सतत चेकिंग अभियान चलाने और नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
ये भी पढ़े… छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम का बड़ा बयान बोले-‘बंगाल में BJP ममता सरकार को हराकर ही दम लेगी’







