Supreme Court: अहमदाबाद एयर इंडिया फ्लाइट एआई-171 हादसे की जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने तीन सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा, जिसे जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने मंजूर कर लिया। अदालत ने निर्देश दिया कि जांच रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में दाखिल की जाए। मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद होगी।
12 जून 2025 का भयावह हादसा
यह मामला 12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन जा रही बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर के टेकऑफ के 32 सेकंड बाद हुए क्रैश से जुड़ा है। हादसे में पायलट-इन-कमांड कैप्टन सुमित सभरवाल सहित 241 यात्रियों और क्रू तथा 19 अन्य लोगों की मौत हुई थी। विमान मेडिकल कॉलेज हॉस्टल पर गिरा। शुरुआती जांच में दोनों इंजनों में फ्यूल सप्लाई कटऑफ होने से थ्रस्ट लॉस की बात सामने आई।
Supreme Court: स्वतंत्र जांच की मांग
कैप्टन सभरवाल के पिता पुष्कर राज सभरवाल और इंडियन पायलट्स फेडरेशन ने न्यायिक निगरानी में स्वतंत्र जांच की मांग की है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि जांच अंतिम चरण में है, लेकिन कुछ पार्ट्स की विदेशी लैब में जांच बाकी है।
विमान सुरक्षा पर बहस
याचिकाकर्ताओं की ओर से प्रशांत भूषण ने बोइंग 787 में फ्यूल स्विच संबंधी घटनाओं का जिक्र कर विमान को ग्राउंड करने की मांग उठाई। अदालत ने किसी विशेष एयरलाइन पर टिप्पणी करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी और कहा कि तथ्यों के आधार पर ही निष्कर्ष निकाले जाएं।







