Supreme Court: तेलंगाना सरकार ने लंबे समय से चल रही कानूनी लड़ाई के बाद रंगारेड्डी जिले के अमंगल डिवीजन में स्थित गुर्रमगुडा वन क्षेत्र को आरक्षित वन का दर्जा दे दिया है। यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद लिया गया है, जिससे अब इस क्षेत्र को मजबूत कानूनी संरक्षण मिलेगा।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आरक्षित वन घोषित
तेलंगाना सरकार ने गुर्रमगुडा क्षेत्र को 424 एकड़ और 31 गुंटा वन भूमि को आरक्षित वन के रूप में घोषित करने के लिए सरकारी आदेश (जीओ) जारी किया है। यह आदेश 9 मार्च 2026 को पर्यावरण, वन, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के माध्यम से जारी किया गया, जिससे भूमि को कानूनी संरक्षण प्राप्त हो गया।
Supreme Court: ‘साहेबनगर कलां केस’ में सुप्रीम कोर्ट का निर्णय
गुर्रमगुडा वन क्षेत्र के तहत आने वाली साहेबनगर कलां गांव की 102 एकड़ भूमि पर लंबे समय से कानूनी विवाद था। सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर 2025 में इस भूमि को गुर्रमगुडा आरक्षित वन ब्लॉक का हिस्सा माना और इसे निजी भूमि का दर्जा देने से इंकार किया, जिससे वन विभाग के दावे को सही ठहराया गया।
शहरी वन पार्क के रूप में विकास
राज्य सरकार ने गुर्रमगुडा क्षेत्र को एक शहरी वन पार्क के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है, जो हैदराबाद में तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच शहरवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण हरित क्षेत्र साबित हो सकता है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में तेलंगाना सरकार वन भूमि की रक्षा और अतिक्रमण रोकने को प्राथमिकता दे रही है।







