Tripura crime: त्रिपुरा में कानून-व्यवस्था, कृषि, शिक्षा और सामाजिक विकास के क्षेत्रों में पिछले एक वर्ष के दौरान उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। राज्यपाल इंद्रसेना रेड्डी नल्लू ने शुक्रवार को विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन अपने संबोधन में बताया कि राज्य में अपराध दर में कमी आई है और विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर पुलिसिंग, सख्त कार्रवाई और विभिन्न सरकारी अभियानों के कारण राज्य में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है। इसके साथ ही किसानों के लिए नई योजनाएं, विस्थापित आदिवासी परिवारों का पुनर्वास और उच्च शिक्षा संस्थानों के उन्नयन जैसे कदम भी उठाए गए हैं।
विस्थापित आदिवासियों का पुनर्वास और बुनियादी सुविधाएं
राज्यपाल ने बताया कि मिजोरम से विस्थापित 6,935 रियांग जनजातीय परिवारों (लगभग 37,584 लोग) का सफलतापूर्वक पुनर्वास किया गया है। इन्हें 12 स्थानों पर बसाया गया है और सरकार ने 6,678 मकान बनाए हैं। पुनर्वास स्थलों पर सड़क, स्कूल, आंगनवाड़ी, स्वास्थ्य एवं वेलनेस केंद्र, पेयजल, बिजली और राशन की दुकानों जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
Tripura crime: कानून-व्यवस्था में सुधार
राज्यपाल के अनुसार अप्रैल से नवंबर 2025 के बीच अपराध दर में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 8.33 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। संपत्ति से जुड़े अपराधों में 18.51 प्रतिशत, महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 11 प्रतिशत, दुष्कर्म के मामलों में 33 प्रतिशत और हत्या के मामलों में 26 प्रतिशत की गिरावट आई है। “नेशा मुक्त त्रिपुरा” अभियान के तहत नशीले पदार्थों के खिलाफ भी व्यापक कार्रवाई की गई। इस दौरान एनडीपीएस अधिनियम के तहत 350 मामले दर्ज हुए और 515 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। सुरक्षा बलों ने बड़ी मात्रा में गांजा, कफ सिरप, मेथामफेटामिन टैबलेट और हेरोइन भी बरामद की।
किसानों और शिक्षा क्षेत्र में नई पहल
कृषि क्षेत्र में 2.71 लाख किसानों को शामिल करते हुए किसान रजिस्ट्री तैयार की जा रही है और प्रत्येक जिले के एक गांव में डिजिटल क्रॉप सर्वे लागू किया जा रहा है। इससे राज्य को केंद्र से 260 करोड़ रुपये की विशेष सहायता मिली है। पीएम-किसान योजना के तहत 2.17 लाख किसानों को 87.47 करोड़ रुपये की सहायता दी गई, जबकि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में 96,000 किसानों का बीमा किया गया। वहीं उच्च शिक्षा को मजबूत करने के लिए महिला कॉलेज को महिला विश्वविद्यालय और त्रिपुरा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी को राज्य तकनीकी विश्वविद्यालय में अपग्रेड करने की प्रक्रिया जारी है।







