Trump NATO Crisis: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर दावेदारी और यूरोपीय सहयोगी देशों पर टैरिफ लगाने की धमकियों ने अमेरिका के भीतर ही राजनीतिक भूचाल ला दिया है। डेमोक्रेट्स के साथ-साथ ट्रंप की अपनी रिपब्लिकन पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने इस नीति को अमेरिका के हितों के खिलाफ बताया है। नेताओं का कहना है कि ग्रीनलैंड को लेकर आक्रामक रुख और सहयोगियों पर दबाव अमेरिका की वैश्विक साख को नुकसान पहुंचा रहा है।
रिपब्लिकन और डेमोक्रेट नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया
सीनेटर मार्क केली ने कहा कि ट्रंप की वजह से यूरोपीय देश ग्रीनलैंड में अमेरिका से बचाव के लिए सैनिक भेज रहे हैं, जो बेहद चिंताजनक है। बर्नी सैंडर्स ने इसे “करीबी दोस्तों को खत्म करने का पागलपन” करार देते हुए कहा कि ग्रीनलैंड के नाम पर NATO सहयोगियों को तोड़ना अस्वीकार्य है। रिपब्लिकन सीनेटर थॉम टिलिस ने भी चेतावनी दी कि इस नीति से रूस और चीन जैसे दुश्मनों को फायदा होगा और NATO कमजोर होगा। पूर्व NSA जॉन बोल्टन ने कहा कि ट्रंप का रवैया आर्कटिक क्षेत्र की स्थिरता के लिए खतरनाक है।
Trump NATO Crisis: अमेरिकी जनता का भी नहीं मिला समर्थन
मीडिया के हालिया सर्वे के अनुसार, ट्रंप की ग्रीनलैंड नीति को अमेरिकी जनता का बेहद कम समर्थन मिल रहा है। सिर्फ 17 प्रतिशत अमेरिकी ही ग्रीनलैंड पर कब्जे के विचार के पक्ष में हैं, जबकि सैन्य कार्रवाई का समर्थन करने वालों की संख्या 10 प्रतिशत से भी कम है। सर्वे से साफ है कि पार्टी लाइन से ऊपर उठकर अमेरिकी नागरिक ट्रंप की इस महत्वाकांक्षा को खारिज कर रहे हैं।
यूरोप की प्रतिक्रिया और NATO पर मंडराता संकट
डेनमार्क और अन्य यूरोपीय देशों ने ग्रीनलैंड की स्वतंत्रता का समर्थन करते हुए वहां सीमित संख्या में सैनिक तैनात किए हैं। फ्रांस समेत कई देशों ने ट्रंप की धमकियों के आगे झुकने से इनकार किया है। ग्रीनलैंड और कोपेनहेगेन में हजारों लोग सड़कों पर उतरे और “हैंड्स ऑफ ग्रीनलैंड” के नारे लगाए। ट्रंप ने जवाब में आठ NATO सहयोगी देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की है, जिससे ट्रांस-अटलांटिक रिश्तों में तनाव और बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद NATO की एकजुटता को कमजोर कर सकता है और अमेरिका-यूरोप संबंधों में दीर्घकालिक दरार डाल सकता है।
ये भी पढ़े… मणिकर्णिका घाट पर AI तस्वीरों का खेल! सोशल मीडिया दावों पर पुलिस का बड़ा एक्शन, 8 FIR दर्ज







